जालंधर पुलिस की बस स्टैंड चौकी (फाइल शॉर्ट)
पंजाब के जालंधर में मणिपुर किसान योजना के नाम पर जाली वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगा जा रहा था। राजस्थान के तीन लोग इस वेबसाइट को जालंधर बस स्टैंड के पास आपरेट कर रहे थे। जालंधर बस स्टैंड चौकी इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने बताया कि राजस्थान की पुलिस ने उनके सा
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मणिपुर में किसानों के नाम पर राज्य और केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं। (फाइल शॉर्ट)
जालंधर में बैठकर मणिपुर के किसानों से की जा रही थी ठगी किसानों के नाम पर बनाई गई जाली वेबसाइट से जालंधर में बैठकर मणिपुर के किसानों से ठगी की जा रही थी। सूत्रों से पता चला है कि वेबसाइट के जरिए सरकारी स्कीमों के नाम पर किसानों से पैसा वसूला जा रहा था। इन लोगों ने कितने किसानों से ठगी की है और कितना पैसा बनाया है, इसकी जांच राजस्थान की झालाबाड़ पुलिस कर रही है।
जालंधर पुलिस ने वेरिफाई कर काबू करवाए आरोपी राजस्थान पुलिस की इनपुट के आधार पर जालंधर की बस स्टैंड चौकी इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने टीम के साथ जाली वेबसाइट वाली साइट को वेरिफाई किया। पक्की इन्फॉर्मेशन होने पर राजस्थान पुलिस को बुलाकर रेड की और दो आरोपियों को अरेस्ट करवाया।
युवकों को साथ ले गई है राजस्थान पुलिस मोहिंदर सिंह ने बताया कि उनका काम राजस्थान पुलिस की मदद करना था। उन्होंने राजस्थान पुलिस के साथ जाकर रेड की। इसके बाद दोनों युवकों को पकड़कर राजस्थान अपने साथ ले गई है। उनको केवल जाली वेबसाइट होने का पता है। वहां पर इन लोगों ने क्या किया है और कितने लोगों को ठगा है, इसकी जानकारी राजस्थान पुलिस के पास ही है। राजस्थान के झालावाड़ से आई थी पुलिस पंजाब पुलिस ने बताया कि राजस्थान के जिला झालाबाड़ से पुलिस टीम आई थी। इसके बाद वह उनके साथ बस अड्डे के नजदीक नरेन्द्र सिनेमा वाली गली में रेड करने गए। यहां से 2 युवकों को काबू किया गया। संदीप और सन्नत के तौर पर हुई आरोपियों की पहचान जालंधर बस स्टैंड चौकी इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने बताया कि काबू किए गए युवकों की पहचान संदीप व सन्नंत के रूप में बताई गई है। थाना साइबर क्राइम झालाबाड़ में 316(2), 316(5), 318 (7) बी.एन.एस. और आई.टी. एक्ट के तहत 110/25 एफआईआर दर्ज की गई थी। राम अवतार है मुख्यारोपी पुलिस ने बताया कि राजस्थान में हुई शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि राम अवतार नामक व्यक्ति की जाली वेबसाइट जालंधर से बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में ही राजस्थान पुलिस जालंधर आई थी और बस अड्डा पुलिस को उन्होंने सहयोग के तौर पर साथ लिया था।