bans entry of non delhi bs 3 goods vehicles in delhi | दिल्ली-आज से दूसरे राज्यों के पुराने वाहनों की एंट्री बैन: BS-3 के कॉमर्शियल व्हीकल की एंट्री रोकी; पॉल्यूशन रोकने के लिए फैसला

Actionpunjab
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नई दिल्ली32 मिनट पहले

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दिल्ली-NCR में खराब होती एयर क्वालिटी पर लगाम लगाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है। CAQM ने दिल्ली में दूसरे राज्यों के BS-3 मानक वाले पुराने डीजल ट्रकों और माल ढोने वाले वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है।

CAQM ने नोटिस जारी कर कहा कि सभी दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड लाइट गुड्स व्हीकल (LGVs), मीडियम गुड्स व्हीकल (MGVs) और हैवी गुड्स व्हीकल (HGVs) जो BS-6 के तहत नहीं आते, उन्हें 1 नवंबर से दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी।

हालांकि, दूसरे राज्यों के BS-IV मानक वाले कॉमर्शियल गुड्स व्हीकल्स को 31 अक्टूबर, 2026 तक दिल्ली में एंट्री की परमिशन होगी। दिल्ली में रजिस्टर्ड कॉमर्शियल गुड्स व्हीकल्स के साथ-साथ CNG, LNG या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की एंट्री पर कोई रोक नहीं होगी।

इस नियम का मुख्य उद्देश्य पुराने डीजल इंजन वाले बड़े कॉमर्शियल वाहनों से होने वाले पॉल्यूशन को कम करना है। 2022‑23 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में करीब 79.45 लाख रजिस्टर्ड कॉमर्शियल वाहन थे।

इन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर

हालांकि, इससे दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों के लाखों ट्रक/टेम्पो/लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों पर असर पड़ेगा। BS-3 वाले व्हीकल दिल्ली नहीं आ सकेंगे, जिनका मुख्य रूट दिल्ली था, उन्हें रूट बदलकर NCR साइड से एंट्री करनी पड़ेगी या अपने व्हीकल अपग्रेड करने होंगे।

  • उत्तर प्रदेश (नोएडा, गाजियाबाद)
  • हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद)
  • राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड के दिल्ली-रूट ट्रांसपोर्टर
  • महाराष्ट्र/एमपी से नॉर्थ फ्रेट कॉरिडोर

GRAP के नियम लागू रहेंगे

नोटिस में यह भी कहा गया है कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत जब भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती है, तो कॉमर्शियल वाहनों पर लगने वाले अन्य प्रतिबंध जारी रहेंगे।

इससे पहले बुधवार को, नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने खराब एयर क्वालिटी के कारण ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज II लागू होने के बाद पूरी राजधानी में पार्किंग फीस दोगुनी करने की घोषणा की।

शुक्रवार को दिल्ली की एयर क्वालिटी थोड़ी सुधरी, लेकिन फिर भी खराब श्रेणी में रही। शुक्रवार सुबह AQI 268 रहा। ऐसे में कई इलाकों में धुंध कम दिखी और विजिबिलिटी थोड़ी बेहतर हुई।

जनवरी-अक्टूबर के बीच, दिल्ली में 8 साल में सबसे बेहतर AQI दर्ज

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच आठ साल में सबसे अच्छी एयर क्वालिटी दर्ज की गई, जिसमें 2020 का लॉकडाउन साल शामिल नहीं है।

इस दौरान औसत AQI 2025 में 170 रहा, जबकि 2024 में यह 184, 2023 में 172, 2022 में 187, 2021 में 179, 2020 में 156, 2019 में 192 और 2018 में 201 था।

एयर क्वालिटी इंडेक्स का क्या मतलब है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक तरह का टूल है, जो यह मापता है कि हवा कितनी साफ और स्वच्छ है। इसकी मदद से हम इस बात का भी अंदाजा लगा सकते हैं कि इसमें मौजूद एयर पॉल्यूटेंट्स से हमारी सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं।

AQI मुख्य रूप से 5 सामान्य एयर पॉल्यूटेंट्स के कॉन्सन्ट्रेशन को मापता है। इसमें ग्राउंड लेवल ओजोन, पार्टिकल पॉल्यूशन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। आपने AQI को अपने मोबाइल फोन पर या खबरों में आमतौर पर 80, 102, 184, 250 इन संख्याओं में देखा होगा। इन अंकों का क्या मतलब होता है, ग्राफिक में देखिए।

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सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी। तब तक किसी भी वाहन मालिक के खिलाफ सिर्फ पुराना वाहन होने के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाए। पूरी खबर पढ़ें…

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