Mumbai Studio Hostage; Rohit Arya Pune Flat Rent Controversy | मुंबई बंधक केस- आरोपी रोहित पहले भी विवादों में रहा: पुणे में मकान का किराया नहीं दिया; स्कूलों से सरकारी योजना के पैसे भी वसूले

Actionpunjab
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नई दिल्ली2 मिनट पहले

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मुंबई के पवई इलाके के रा स्टूडियो में गुरुवार को 17 बच्चों समेत 19 लोगों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्या का नाम पहले भी विवादों में रहा है।

महाराष्ट्र शिक्षा विभाग से फंड विवाद, निजी फीस वसूली का मामला और शिक्षा मंत्री से चेक विवाद के साथ ही वह इसी साल पुणे के कोथरुड इलाके में एक किराए के विवाद में फंसा था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2024 में रोहित की पत्नी अंजलि आर्या के नाम पर शिवतीर्थ नगर के एक फ्लैट के लिए 36 महीने का किरायानामा साइन हुआ था।

मकान मालिक देशपांडे ने बाद में बताया कि पड़ोसियों की शिकायतों के चलते उन्होंने आर्या दंपती को एक महीने में घर खाली करने का नोटिस भेजा।

रोहित ने न तो घर खाली किया और न ही किराया दिया। 2 मार्च 2025 को मालिक ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजी, लेकिन रोहित ने उल्टा 2 लाख रुपए मुआवजे की मांग कर डाली।

आर्या के 4 और विवाद

1. महाराष्ट्र शिक्षा विभाग से फंड विवाद

  • आर्या ने “स्वच्छता मॉनिटर” प्रोजेक्ट के तहत राज्य के 64,000 स्कूलों में बच्चों के बीच स्वच्छता अभियान चलाया था।
  • 2023 में सरकार ने ₹9.9 लाख की मंजूरी दी, लेकिन 2024 में Phase-II के ₹2 करोड़ के फंड को लेकर विवाद हुआ।
  • आर्या का आरोप था कि विभाग ने भुगतान नहीं किया और उनके प्रोजेक्ट को कब्जा लिया।
  • विभाग का कहना था कि आर्या ने अधूरे दस्तावेज दिए और स्कूलों से बिना अनुमति ₹500 फीस वसूली।

2. निजी फीस वसूली का मामला

  • विभाग की जांच में पाया गया कि आर्या ने “स्वच्छता मॉनिटर” कार्यक्रम में स्कूलों से सीधे शुल्क वसूला।
  • शिक्षा विभाग ने उन्हें नोटिस भेजकर कहा कि यह राशि सरकारी खाते में जमा करें।
  • आर्या का कहना था कि सरकार ने फंड नहीं दिया, इसलिए उन्होंने फीस ली और बाद में इसे लौटाने की योजना थी।

3. धरना और भूख हड़ताल

  • अगस्त 2024 से आर्या ने पुणे और मुंबई में कई विरोध प्रदर्शन किए।
  • उन्होंने शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर के घर के बाहर भी धरना दिया और भूख हड़ताल की।
  • आर्या का दावा था कि शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार कर रहा है और कुछ स्कूलों को जानबूझकर पुरस्कार दिलवा रहा है।

4. शिक्षा मंत्री से व्यक्तिगत चेक विवाद

  • रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री दीपक केसरकर ने फरवरी 2024 में आर्या को सहानुभूति में व्यक्तिगत चेक दिया।
  • इस पर सवाल उठे कि एक मंत्री किसी निजी प्रोजेक्ट फंड विवाद में व्यक्तिगत रूप से क्यों शामिल हुआ।
  • केसरकर ने कहा कि यह मानवीय मदद थी, सरकारी भुगतान से इसका कोई संबंध नहीं था।

एनकाउंटर में रोहित मारा गया था

स्टूडियो की पहली मंजिल पर बंधक बनाए गए बच्चे खिड़की से मदद मांगते दिखे थे।

स्टूडियो की पहली मंजिल पर बंधक बनाए गए बच्चे खिड़की से मदद मांगते दिखे थे।

रोहित आर्या ने 30 अक्टूबर 2025 को मुंबई के पवई स्थित रा स्टूडियो में 17 बच्चों समेत 19 लोगों को बंधक बना लिया था। वह खुद को एक मीडिया कंपनी का मालिक बताता था और बच्चों को फिल्म ऑडिशन के बहाने बुलाया था।

रोहित को क्विक रिस्पॉन्स टीम के 8 कमांडो ने 35 मिनट में बच्चों सहित सभी लोगों का छुड़ा लिया गया था। एनकाउंटर में रोहित मारा गया था। आर्या का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह पुणे में किया गया। अंतिम संस्कार में पत्नी, बेटे और परिजन मौजूद रहे।

आरोपी रोहित बोला था- मुझे बस कुछ सवाल पूछने हैं

रोहित ने बंधक बनाने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था

रोहित ने बंधक बनाने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था

  • “मैं रोहित आर्या हूं। सुसाइड करने के बजाय मैंने एक योजना बनाई है और कुछ बच्चों को यहां बंधक बनाकर रखा है। मेरी ज्यादा मांगें नहीं हैं। मेरी बहुत ही साधारण मांगें हैं, नैतिक मांगें हैं और कुछ सवाल हैं। मैं कुछ लोगों से बात करना चाहता हूं, उनसे सवाल पूछना चाहता हूं और अगर उनके जवाबों के जवाब में मेरे पास कोई सवाल हो, तो मैं उनसे भी पूछना चाहता हूं, लेकिन मुझे ये जवाब चाहिए।
  • “मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं, न ही मैं बहुत ज्यादा पैसे की मांग करता हूं, और मैं कोई अनैतिक मांग नहीं कर रहा हूं। मैंने एक प्लान के तहत बच्चों को बंधक बनाया है। अगर मुझे थोड़ा भी उकसाया गया तो मैं इस जगह (स्टूडियो) को आग लगा दूंगा। मैंने आत्महत्या का कदम उठाने के बजाय यह प्लान बनाया था। मुझे उकसाया न जाए, नहीं तो मैं बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाला कदम उठा लूंगा।”

रेस्क्यू ऑपरेशन की 3 तस्वीरें…

घटना की जानकारी मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम के कमांडो मौके पर पहुंचे थे।

घटना की जानकारी मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम के कमांडो मौके पर पहुंचे थे।

पुलिस और क्विक रिस्पॉन्स टीम ने स्थानीय लोगों और बच्चों के परिजन से जानकारी ली।

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8 कमांडो ने 35 मिनट में बच्चों सहित सभी लोगों का छुड़ा लिया।

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