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राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वादा किए गए ‘मंगला पशु बीमा योजना’ को अब तक पूरी तरह लागू क्यों नहीं किया। जूली ने कहा कि
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जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कामधेनु पशु बीमा योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। केवल सर्वे का काम शेष था। लेकिन बीजेपी के सत्ता में आते ही उस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और करीब एक साल तक कोई नई बीमा योजना लागू नहीं की गई। इस देरी से लाखों पशुपालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2024 – 25 की बजट घोषणा को सरकार ने बेहद धीमी गति से लागू किया, और अब 2025 – 26 के बजट में सिर्फ बीमा सीमा बढ़ाने का दावा करके जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समय 80 लाख पशुओं का बीमा पंजीकरण हुआ था। लेकिन बीजेपी शासन में यह घटकर सिर्फ 20 लाख रह गया है।
जूली ने कहा कि अब तक करीब 9000 पशु बीमा दावे दर्ज हुए हैं। जिनमें से सिर्फ 700 दावे ही स्वीकृत किए गए हैं। जो 10 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े बीजेपी के वादों और उनकी जमीनी हकीकत के बीच की खाई को साफ दिखाते हैं।
जूली ने कहा कि राजस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा पशुधन वाला राज्य है। लेकिन बीजेपी सरकार ने इस वर्ग को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि वादे तो किए गए, लेकिन अब उनमें जान नहीं बची है। सरकार की यह नीति किसानों और पशुपालकों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को उजागर करती है।
टीकाराम जूली ने मांग की कि राज्य सरकार जल्द से जल्द व्यापक पशुधन बीमा योजना लागू करे और प्रदेश के पशुपालकों को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वह आगे भी बीजेपी के घोषणापत्र और हकीकत के अंतर को जनता के सामने लाते रहेंगे।