बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ निकालने जा रहे हैं। यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। उनकी किसी यात्रा में पहली बार मुस्लिम समाज के लोग
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उन्होंने बताया कि यह यात्रा हिंदुओं में एकता और जागरूकता लाने का प्रयास है, न कि किसी राजनीतिक विरोध या मांग का हिस्सा। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति पदयात्री का भेष बनाकर उपद्रव न कर दे, इसके लिए वह चिंतित है।
दैनिक भास्कर ने बागेश्वर धाम में यात्रा के उद्देश्य, सुरक्षा व्यवस्था, अन्य संप्रदायों की भागीदारी और यात्रा के दौरान उनके निजी अनुशासन को लेकर पं. शास्त्री से खास बातचीत की। पढ़िए पूरी बातचीत…

पं. शास्त्री 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ निकालने जा रहे हैं।
सवाल- 1: दूसरी पदयात्रा में क्या खास है? धीरेंद्र शास्त्री: यह यात्रा तीन प्रदेशों दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर जाएगी। यह बालाजी और बांके बिहारी के मिलन की यात्रा है। आज हिंदू जातिवाद और क्षेत्रवाद में बंटता जा रहा है, जिससे भविष्य में अन्य मजहबों का आधिपत्य बढ़ सकता है। हमारी चिंता बस यही है कि हिंदू एकजुट रहें।
यह जमीनी लड़ाई है। देश का बटवारा 1947 में विशेष मजहब के लोगों की मान्यता पर हुआ था। हमें सिर्फ इस बात की चिंता है कि हिंदू किसी विभाजन में फिर से न फंस जाए, जैसे जातिवाद का बंटवारा हुआ या क्षेत्रवाद का हुआ, तो हिंदू एकदम घट जाएगा। दूसरी संस्कृति और मजहब के लोग इस देश पर आने वाले भविष्य में अपना आधिपत्य जमाएंगे। हम चाहते हैं कि हिंदू एक हों और हिंदुओं में एकता हो।
इसी अपेक्षा के लिए हमारी वैचारिक लड़ाई है, वैचारिक यात्रा है, वैचारिक क्रांति है। न सरकार से अपेक्षा, न कोई कहना, न कोई मांग, न विरोध- केवल और केवल हिंदुओं की एकता के लिए हम हिंदुओं से भिक्षा मांगेगे।
यह यात्रा 7 नवंबर को कात्यायनी माता मंदिर से 16 नवंबर तक (नौ रातें, दस दिन) चलेगी, जिसमें पूरे देश के साधु-संत, बागेश्वर धाम का कमंडल और बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल चलेगा।
सवाल- 2: यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी होगी? धीरेंद्र शास्त्री: हमें अपनी सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। हमें भगवान पर और हिंदुओं पर पूरा भरोसा है। हां, एक चिंता जरूर है कि कोई व्यक्ति पदयात्री का भेष बनाकर उपद्रव न कर दे। विरोधी ताकतें रूप बदलकर यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं। जिससे धाम पर, संस्था या सनातनियों पर आरोप लगे।
विरोधी ताकतें अभी फिर से सक्रिय हुई हैं। हो सकता है वह चेहरा बदलकर, रूप बदलकर, पदयात्री बनकर कुछ उपद्रव करे। इसलिए हमारी अपील है कि प्रशासन और भक्त दोनों सतर्क रहें।

उन्होंने इसके लिए संत समाज को आमंत्रण भी दिया था।
सवाल- 3: क्या दूसरे संप्रदायों के लोग भी यात्रा में शामिल होंगे? धीरेंद्र शास्त्री: यह देश नवाचार कर रहा है। हिंदू एकता की इस यात्रा में दूसरे मजहब के लोग भी समर्थन दे रहे हैं, यह गर्व की बात है। जो हिंदुत्व वादी भावना को मानते हैं, वे हमारे साथ हैं। जो हिंदुत्व एकता नहीं देखना चाहता, इस देश में फूट डालना चाहता है, वह हमारे विरोध में हैं।
सवाल- 4: यात्रा के दौरान खान-पान और दिनचर्या कैसी रहेगी? धीरेंद्र शास्त्री: (हंसते हुए) हम सात्विक भोजन करेंगे। जो किसी भक्त के घर से मिलेगा, वही प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे। अभी भी आज हम मात्र 3 घंटे मात्र सो पाए हैं। दस दिन लगातार पैदल चलना है, इसलिए व्रत नहीं रख पाएंगे। उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह यात्रा अपने आप में तपस्या है।

बागेश्वर धाम में दैनिक भास्कर से चर्चा करते पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
सवाल- 5: तमाम पार्टी के लोग शामिल हो रहे हैं, तो क्या सपा-आप के नेता भी शामिल होंगे? धीरेंद्र शास्त्री: हमने निमंत्रण सबको दिया है। हमारे लिए कोई पार्टी महत्वपूर्ण नहीं है। इस देश में जितनी पार्टियां हैं, सब में हिंदू हैं। और सब में हिंदू हैं तो हम सबके हित की बात कर रहे हैं, सबके लिए कर रहे हैं, सभी पार्टी के लिए कर रहे हैं।
सवाल- 6: बुंदेलखंड के लोगों के लिए विशेष तिथि तय की गई है क्या ?
धीरेंद्र शास्त्री: बुंदेलखंड के सभी लोगों को हमने यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। 15 और 16 नवंबर को छतरपुर जिले के लोग यात्रा में पहुंचेंगे। जो नहीं आ सकते, वे घर बैठे समर्थन दें। विदेशी ताकतों ने हिंदुओं को जात-पात में उलझाया है, अब समय है एकजुट होकर जवाब देने का। यह अस्तित्व की लड़ाई है। सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम अनर्गल बातें करने वालों को एक-एक हिंदू जवाब देगा।
सवाल- 7: पहली बार मुस्लिम समाज का समर्थन मिला है, इस पर क्या कहेंगे? धीरेंद्र शास्त्री: यह पहली बार है जब मुस्लिम समाज के लोगों ने हमारी पदयात्रा का समर्थन किया है। फैज खान के नेतृत्व में लगभग 300 मुस्लिम भाई यात्रा में शामिल होंगे। हाल ही में दिल्ली में उनसे बैठक हुई, जिसमें समाज के सभी लोगों ने उनकी यात्रा का समर्थन करते हुए साथ चलने का भरोसा दिया।
मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है, इसलिए हम यात्रा में साथ रहेंगे।

मर्यादा और शांति बनाए रखने की अपील की धीरेंद्र शास्त्री ने पदयात्रियों से आग्रह किया है कि वे पूरी मर्यादा के साथ यात्रा में शामिल हों। किसी भी जाति, पंथ या संप्रदाय विशेष पर टिप्पणी न करें। अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि यात्रा मार्ग और अन्य धर्मस्थलों की विशेष सुरक्षा की जाए ताकि कोई साजिश न हो सके।
5 करोड़ लोगों तक पहुंचेगी यात्रा की गूंज बाबा बागेश्वर ने बताया कि यह यात्रा जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद मिटाने का संदेश लेकर चल रही है। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों, कस्बों और नगरों तक यह यात्रा पहुंचेगी। अनुमान है कि करीब 5 करोड़ लोगों तक इसका संदेश पहुंचेगा।
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धीरेंद्र शास्त्री बोले- हमारे चेलों के चक्कर में न पड़ना बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कई गुरुओं की प्रतिष्ठा उनके चेलों ने डुबोई है। नेताओं की प्रतिष्ठा उनके खास सहायकों के कारण धूमिल हुई है। आज शिष्यों को अपने आचरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर…