Balicha intersection- Debari Highway-Chirwa is the most dangerous | बलीचा चौराहा- देबारी हाईवे-चीरवा सबसे खतरनाक: उदयपुर में सर्वाधिक जान ले रहे ब्लैक स्पॉट व रॉन्ग साइड ड्राइविंग, 16 माह में 732 मौतें – Udaipur News

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जिले में गोगुंदा-पिंडवाड़ा हाईवे के 6 ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए 100 करोड़ रुपए तो मिल गए, लेकिन सुखेर, बलीचा और देबारी हाईवे के ब्लैक स्पॉट का समाधान नहीं हो रहा है। सड़क सुरक्षा समिति बैठकों में हर बार इन पर चर्चा करती है। लेकिन इनके सुधार के लिए अ

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2011–13 की सड़क सुरक्षा रिपोर्ट में उदयपुर के कई ब्लैक स्पॉट दर्ज किए गए थे। इनमें बलीचा चौराहे पर 24 मौतें, चीरवा घाटा–अमरखाजी मोड़ पर 22, कैलाशपुरी में 19, देबारी हाइवे पर 13, प्रतापनगर क्रॉसिंग पर 13 और भुवाणा बायपास पर 13 मौतें हुई हैं। केंद्रीय रिपोर्ट बताती है कि 2019 से 2023 के बीच रॉन्ग साइड ड्राइविंग से होने वाले हादसों में बढ़ोतरी हुई है। 2020 में 7332 मौतें, 2021 में 8122, 2023 में 9432 मौतें हुई हैं। ऐसे में औसतन हर दिन 24 लोग इस लापरवाही में जान गंवा रहे हैं। 5 माह पहले हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आया था कि उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर 5 ब्लैक स्पॉट के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा चुका हैं। इसकी स्वीक़ृति मिलने के बाद काम शुरू होगा। इसके बाद भी अब तक इनकी हालत चिंताजनक ही है।

शहर में प्रमुख तीन हाईवे से रोजाना गुजर रहे 85 हजार वाहन

  • नवंबर 2024 : अंबेरी में रॉन्ग साइड से आ रही कार की डम्पर से भिड़ंत, 5 युवाओं की मौके पर मौत।
  • मार्च 2025: उदयपुर–सलूम्बर हाईवे पर बस और कार की आमने-सामने टक्कर, 2 मौत, 3 घायल।
  • अगस्त 2025 : राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी की कार को अंबेरी (सुखेर) क्षेत्र में सामने से रॉन्ग साइड से आ रही कार ने टक्कर मारी थी। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और विधायक को पसलियों, हाथ व पैर में गंभीर चोटें आईं।
  • जनवरी 2024: उदयपुर–अहमदाबाद हाइवे पर कार ने बाइक को मारा, 1 मौत, 5 घायल।

बलीचा हाईवे से शहर में हर रोज 40 हजार से ज्यादा वाहनों का आना-जाना होता है। सुखेर हाईवे पर रोजाना 30 हजार वाहन गुजरते है। इसी तरह देबारी चौराहे से अहमदाबाद हाईवे पर 10 हजार, पिंडवाड़ा पर 5 हजार वाहन आते-जाते हैं। पिछले साल 20 दिसंबर को जयपुर में अजमेर हाइवे पर एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट में 20 लोगों की जान चली गई थी। इसके उदयपुर का जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नींद खुली। एनएचएआई ने तीन दिनों में चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर 93.4 किलोमीटर क्षेत्र में करीब 50 अनधिकृत कट बंद किए थे। अब एनएचएआई को अन्य ब्लैक स्पॉट पर भी बड़े हादसे का इंतजार है।

भास्कर एक्सपर्ट- देबारी में ग्रेड बैलेंस खत्म करना होगा

पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड एक्सईएन प्रभात कुमार सुखवाल का कहना है कि बलीचा, देबारी और सुखेर हाईवे ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए एनएचएआई को एनालिसिस ऑडिट करानी होगी। इसमें निकली खामियों के समाधान के बाद ही ये खत्म होंगे। देबारी में ग्रेड बैलेंस (ढलान) को खत्म करने के बाद ही हादसे थमेंगे। ब्लैक स्पॉट्स पर डिवाइडर, चेतावनी बोर्ड लगाने जरूरी हैं। ट्रैफिक पुलिस को गलत दिशा और तेज रफ्तार वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

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