कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक मचेगी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की धूम। (फाइल फोटो)
अब भगवद्गीता के संदेश को पूरी दुनिया में फैलाने की तैयारी है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 15 नवंबर से शुरू हो रहे 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) में ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। पहली बार 51 देशों में महोत्सव के रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आ
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इनका लाइव प्रसारण दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचेगा। यह पहल विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से की गई है, जो महोत्सव में पार्टनर की भूमिका निभाएगा। पहली दफा MEA महोत्सव में पार्टनर के तौर पर सहयोग कर रहा है। MEA ने 51 कंट्रीस को जोड़ने के साथ स्कॉलर्स और क्राफ्टमैन को महोत्सव में आने न्योता दिया है।

पहली बार 21 दिन तक चलेगा महोत्सव और 51 देशों में होंगे कार्यक्रम।
21 दिन चलेगा आयोजन
पहले 18 दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव इस बार 21 दिनों तक धूमधाम से चलेगा। 5 दिसंबर को समापन के साथ विराम लेगा। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि यह महोत्सव न केवल गीता के दर्शन को जीवंत करेगा, बल्कि वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगा। MEA के सहयोग से हम दुनिया के कोने-कोने तक गीता का संदेश पहुंचा रहे हैं।
16 देशों के विद्वान खोलेंगे पिटारा
सिंघल ने बताया कि 16 देशों से आए 25 प्रख्यात स्कॉलर्स महोत्सव का आकर्षण रहेंगे। थाईलैंड, अमेरिका, रूस, जापान, कजाकिस्तान, हंगरी, पोलैंड, चीन, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, लिथुआनिया, श्रीलंका, मलेशिया, बहरीन और नेपाल के ये विद्वान गीता पर अपनी गहन रिसर्च प्रस्तुत करेंगे।

देश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक महोत्सव में करेंगे शिरकत। (फाइल फोटो)
अपनी रिसर्च से करेंगे मार्गदर्शन
उन्होंने कहा कि 3 दिवसीय 24 से 26 नवंबर तक आयोजित इस सत्र में ये स्कॉलर्स गीता पर अपनी रिसर्च के बारे में बताएंगे। इन स्कॉलर्स की रिसर्च गीता के संदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इन स्कॉलर्स में दुनिया की यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर शामिल हैं, जो अपना अनुभव और रिसर्च सबके साथ शेयर करेंगे।
100 भाषाओं की गीता की प्रदर्शनी
पहली बार फिजी और त्रिनिदाद एंड टोबेगो से पंडितों का आगमन होगा। ये पंडित 29 नवंबर को होने वाले संत सम्मेलन और 30 नवंबर के देवस्थानम कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इन सत्रों में गीता पर आधारित भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें MEA के सहयोग से दुनिया भर की 100 से अधिक भाषाओं में गीता ग्रंथों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस बार 7 देशों के क्राफ्टमैन दिखाएंगे अपनी शिल्पकला। (फाइल फोटो)
7 देशों के शिल्पकार भरेंगे रंग
महोत्सव में पहली बार 7 देशों के शिल्पकार (क्राफ्टमैन) अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन करेंगे। ये कलाकार पारंपरिक हस्तशिल्प, चित्रकला और सजावटी वस्तुओं के जरिए महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे। महोत्सव में श्रीलंका, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, थाईलैंड, ईरान, इजिप्ट, तुर्कमेनिस्तान और युगांडा की शिल्पकला देखने को मिलेंगी।
25 को PM होंगे शामिल
24 नवंबर से महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम शुरू होंगे और 1 दिसंबर तक चलेंगे। इस बीच 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अब यह कार्यक्रम ज्योतिसर यानी गीता उपदेश स्थली पर होगा।