असम से शुरू हुआ पवित्र नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर से डेरा बाबा नानक की ओर रवाना हुआ। यह नगर कीर्तन बीती रात अमृतसर पहुंच चुका था, जो आज फिर से श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ।
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इस भव्य आयोजन में खालसा पंथ की शान और शौर्य का दृश्य देखने को मिला। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया में और पंज प्यारे की अगुआई में यह यात्रा फूलों की वर्षा, कीर्तन शब्दों की रसधार और बोले सो निहाल के जयकारों के साथ संपन्न हुई।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी द्वारा दी गई अमर बाणी हमारे जीवन के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने संगत से अपील की कि वे इस बाणी को अपने जीवन में उतारें और अपने जीवन को सत्य, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलाएं।

नगर कीर्तन
नगर कीर्तन 24 राज्यों से होते हुए पंजाब पहुंचा, लाखों संगत ने भाग लिया
नगर कीर्तन 24 राज्यों से होते हुए पंजाब पहुंचा है। लाखों की संगत ने श्रद्धा और सम्मान के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा में भाग लिया। फूलों की बारिश, कीर्तन की मधुर गूंज और संगत के उत्साह ने पूरे नगर कीर्तन को यादगार बनाया है।
धामी ने यह भी जानकारी दी कि 350 साला शहादत गुरु पुरब के अवसर पर दमदमा साहिब में 21 से 30 नवम्बर तक लगातार अमृत संचार समारोह आयोजित होंगे। उन्होंने सभी इच्छुक सिखों से अपील की कि वे खंडे बांटे का अमृत ग्रहण कर गुरु के चरणों से और अधिक मजबूती से जुड़ें।
धामी ने कहा इस पवित्र यात्रा ने सिख समुदाय में भक्ति, श्रद्धा और गुरु प्रतिपालन की भावना को और प्रगाढ़ किया, साथ ही युवा पीढ़ी को भी गुरु की शिक्षाओं के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। नगर कीर्तन की यह महाआयोजन धर्म, शौर्य और भाईचारे का अद्भुत संगम साबित हुई।