Swaranjit Singh Khalsa Becomes First Sikh Mayor of Norwich | जालंधर के स्वर्णजीत बोले- नॉर्विच में नया पंजाब बसाएंगे: ​​​​​​​दो दिसंबर को लेंगे पहले सिख मेयर की शपथ, कहा-पंजाबी आएं, अभी 10 ही परिवार – Jalandhar News

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नार्विच में शपथ ग्रहण और यहां विकास की संभावनाओं पर बात करते स्वर्णजीत खालसा।

जालंधर के गुरु तेग बहादुर नगर के रहने वाले और अमेरिका से नॉर्विच के पहले सिख मेयर बने स्वर्णजीत ने पंजाबियों को आने का निमंत्रण दिया है। अभी नॉर्विच में 10 सिख परिवार ही रहते हैं। स्वर्णजीत सिंह खासला का कहना है कि अभी नार्विच में विकास की बहुत संभाव

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स्वर्णजीत सिंह खासला ने कहा कि वह नॉर्विच को विकास की ऊंचाई पर लेकर जाना चाहते हैं और चाहते हैं पंजाबी भाई भी इसमें अपना योगदान दें। नार्विच में कंस्ट्रक्शन वर्क सहित शिक्षा क्षेत्र में बहुत सी संभावनाएं हैं। यहां के शिक्षा क्षेत्र में वह बच्चों को फ्री एजुकेशन दे रहे हैं, लेकिन अभी भी बहुत से बच्चे हैं जो शिक्षा से वंचित हैं। इनके लिए नए स्कूल खोलने होंगे। स्वर्णजीत ने कहा कि जालंधर जब वे यहां पर आए थे तो यहां विकास का बुरा हाल देखा। इसलिए यहां कम्युनिटी वर्क किए। इसका यहां के लोगों ने स्वागत किया और उनको भरपूर प्यार दिया।

नॉर्विच के पहले सिख मेयर बने जालंधर के स्वर्णजीत खासला।

नॉर्विच के पहले सिख मेयर बने जालंधर के स्वर्णजीत खासला।

कनाडा-आस्ट्रेलिया के बाद यहां नया पंजाब बसाएंगे स्वर्णजीत सिंह खासला ने कहा कि अब मैं 2 दिसंबर को नॉर्विच के मेयर के रूप में काम करना शुरू कर दूंगा। पंजाबियों को यहां आकर भी मेहनत करनी चाहिए ताकि यहां कनाडा और आस्ट्रेलिया की तरह नया पंजाब बसाया जा सके। अभी यहां पर पंजाब के 10 परिवार ही रहते हैं। पंजाब के इतने कम परिवार होने के बावजूद यहां पर गुरुपूर्व, दीवाली और भारत के अन्य त्योहार बनाए जाते हैं। स्वर्णजीत ने कहा कि अभी इस सिटी में बहुत पोटेंशियल है। यहां कई तरह के काम करने वाले लोगों की जरूरत है। अब यहां की कमान भी एक पंजाबी के हाथ में रहेगी, इसलिए पंजाब के लोगों को यहां आकर नया पंजाब बसाना चाहिए।

जालंधर के गुरु तेग बहादुर नगर में है पैतृक घर स्वर्णजीत सिंह खालसा का पैतृक घर जालंधर के गुरु तेगबहादुर नगर में है। मेयर के चुनाव में उन्हें 2458 वोट मिले जबकि विपक्षी ट्रेसी गोल्ड को 2250 वोट मिले। स्वर्णजीत के जीत दर्ज करने के बाद उनके घर पहुंचकर विभिन्न संस्थाओं ने परिजनों को बधाई दी। खासला के दादा दादा इंदरपाल सिंह खालसा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य रहे हैं।। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के भी सदस्य रहे।

डेविएट जालंधर से की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई स्वर्णजीत सिंह खासला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जालंधर से ही पूरी की है। 2007 में स्टडी वीजा पर वह अमेरिका गए थे। वहां से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की। इससे पहले स्वर्णजीत ने इंजीनियरिंग की डिग्री DAV इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जालंधर से पूरी की। 2010 में खासा नॉर्विच में रहने लगे। यहां स्वर्णजीत सिंह कंस्ट्रक्शन फील्ड में काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री की और 2 बार नॉर्विच से पार्षद भी बने।

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