जेई की छुट्टी की टाइमिंग पर उठ रहे सवाल:डीएमसी की चुप्पी, कटघरे में ईओ उठा रहे सवाल, जेई-अकाउंटेंट के निलंबन से बढे़गी खटास

Actionpunjab
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रेवाड़ी नगर परिषद के जेई और अकाउंटेंट के निलंबन पर ईओ और डीएमसी में खटास बढ़ सकती है। ईओ डीएमसी पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए निलंबित जेई के साथ खड़े हैं। छुटि्टयों का वेतन लेने की शिकायत भेजने वाले डीएमसी ने अब इस मामले में चुप्पी साध ली है। डीएससी ने शिकायत मे ईओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। दो अफसरों के निलंबन के बाद जेई के अवेतनिक अवकाश की टाइमिंग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बारिश का था मौसम जुलाई के बाद बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। जेई हैप्पी सैनी ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक छुट्‌टी ली। उस समय बरसात पिक पर थी और शहर में जलभराव की स्थिति थी। ऐसे आरोप हैं कि जेई ने उस समय अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अवकाश लिया। बीच में वापस आए और 17 अक्टूबर को फिर चले गए।
मैने अपना काम किया जेई और अकाउंटेंट के निबंलन पर डीएमसी ब्रह्म प्रकाश ने कहा कि इस पर वह कुछ नहीं कहेंगे। अपने स्तर पर जांच और पूछताछ के बाद ही मैने निदेशालय को लिखा था। डीएमसी होने के नाते जिले में स्थानीय निकायों में होने वाले गलत काम रोकना मेरा जिम्मेदारी है। मामला प्रकाश में आने के बाद निदेशालय को पत्र भेजकर मैने वहीं किया, जो जो मेरा काम था। इस मामले में अब मेरे पास कहने को कुछ नहीं है। बिना पक्ष सुने शिकायत ईओ सुशील भुक्कल ने कहा कि हमें जेई के अवेतनिक अवकाश पर जाने की कोई जानकारी नहीं थी। बीच में काम पर आने और पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद छुट्‌टी पर जाने के कारण रूटीन में सैलरी चली गई। पता चलने पर ब्याज सहित वापस जमा करवा ली। डीएमसी ने बिना हमारा पक्ष सुने अधूरे तथ्यों के साथ बिना एसीएस को शिकायत भेज दी।
कैथल विवाद का किया जिक्र ईओ ने चुनाव के दौरान कैथल में आप नेता के साथ सार्वजनिक हुए विवाद का हवाला दिया। उन्होंन कहा कि डीएमसी कर्मचारियों और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। जिससे तनाव बढ़ने से काम करना मुश्किल होता जा रहा है। जेई ने जब ब्याज सहित पूरी राशि वापस जमा करवाने से नगर परिषद को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। ऐसे शुरू हुआ विवाद नगर परिषद मे चार माह के अवेतनिक अवकाश पर गए जेई हैप्पी सैनी को दो माह का वेतन देने का मामला सामने आया था। डीएमसी ने अपने स्तर पर जांच और पूछताछ के बाद निदेशालय को पत्र लिखा। जिसमें ईओ, जेई और अकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई। जिस पर एक्शन लेते हुए निदेशालय ने 10 फरवरी को जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र को निलंबित कर दिया। ईओ सुशील कुमार भुक्कल भी 12 फरवरी को ही 15 फरवरी तक अवकाश पर चले गए।

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