बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल
बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल आज अमृतसर पहुंचीं, जहां उन्होंने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और सरबत के भले की अरदास की। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब से सटे गुरुद्वारा गुरबख्श सिंह में अखंड पाठ के भोग समारोह में भी हा
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मीडिया से बातचीत के दौरान हरसिमरत कौर बादल ने मौजूदा पंजाब सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की नीति अपनाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है, झूठ के पैर नहीं होते। सरकार ने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें दबाने की कोशिश की है।
हरसिमरत ने उदाहरण देते हुए बताया कि बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ नशे के नाम पर जो मामला बनाया गया, वह केवल सियासी प्रतिशोध था। उन्होंने कहा कि सरकार शुरुआत में नशे का जिक्र करती रही, लेकिन जब असली परचा पेश किया गया तो उसमें नशे का कोई उल्लेख नहीं था। उन्होंने भरोसा जताया कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है और वाहेगुरु जी की कृपा से जल्द ही बिक्रम सिंह मजीठिया बाहर आएंगे।

जनता को बताया अंतिम निर्णायक
तरन तारन चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस बल का दुरुपयोग कर लोगों को डराया-धमकाया, पर चुनाव आयोग के आदेश ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में दबाव नहीं चलता। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी सत्ता को खुश करने के लिए गलत काम कर रहे हैं, उन्हें चेत जाना चाहिए कि जनता ही अंतिम निर्णयकर्ता है।
सरकार को एसजीपीसी से सहयोग करने की सलाह
धार्मिक मुद्दों पर बोलते हुए हरसिमरत ने मुख्यमंत्री की गोलक पर की गई टिप्पणी को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में दखल देने के बजाय एसजीपीसी के साथ मिलकर गुरु तेग बहादुर साहिब की शताब्दी जैसे पवित्र आयोजनों को मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों की कुर्बानी मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की नींव है, जिसका सम्मान सिख कौम को मिलकर पूरे विश्व में फैलाना चाहिए।