सुशील सिंह | मऊ2 मिनट पहले
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मऊ जिले के दोहरीघाट क्षेत्र स्थित जानकी घाट पर मंगलवार को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत रिवर रैंचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मधुबन से भाजपा विधायक रामविलास चौहान और सहायक निदेशक मत्स्य विनोद कुमार वर्मा ने सरयू नदी में दो लाख मछली के बच्चे छोड़े। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद के सहयोग से संपन्न हुआ।
विधायक रामविलास चौहान ने इस अवसर पर बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से जिले में मत्स्य उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि रिवर रैंचिंग पहल से नदियों में मछलियों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय मत्स्यपालकों की आय में भी इजाफा होगा।
सहायक निदेशक मत्स्य विनोद कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगा की सहायक नदी सरयू में छोड़ी गई इन दो लाख मछलियों में भारतीय प्रमुख कार्प (आईएमसी) प्रजाति की रोहू, कतला और नयन मछलियां शामिल हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय मछली प्रजातियों का संरक्षण और उनका पुनर्स्थापन करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि मछलियां नदी की जैविक गतिविधियों को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे जल की गुणवत्ता बनी रहती है और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ रहता है।
इसी अवसर पर जिला सहायक निदेशक मत्स्य मऊ डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम, मछुआ दुर्घटना बीमा योजना और जलीय पशु रोगों के राष्ट्रीय निगरानी कार्यक्रम प्रमुख थे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक कैश अहमद, मत्स्य निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा, मत्स्य विकास अधिकारी विनय गौतम, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक दिनेश गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

