Amritsar Khalsa Aid India chief Davinderjit Singh resign Members Update | खालसा एड इंडिया के प्रमुख का इस्तीफा: बोले- UK ऑफिस की दखलअंदाजी से जरूरतमंदों तक सहायता नहीं पहुंची, अधिकार छीने – Amritsar News

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दविंदरजीत सिंह, जिन्होंने खालसा एड इंडिया के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया।

खालसा एड इंडिया के प्रमुख दविंदरजीत सिंह ने अपने 4 साथियों के साथ इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे का कारण संस्था में खराब प्रबंधन, पारदर्शिता की कमी और UK मुख्यालय की दखलअंदाजी बताया।

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मंगलवार को उन्होंने अमृतसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ सेवा कर रहे थे। लेकिन अब खालसा एड के भीतर बिगड़ते हालातों के कारण वे आगे काम जारी नहीं रख सकते।

उन्होंने बताया कि 2023 में पुरानी टीम के इस्तीफे के बाद ऑपरेशन लीड का कार्यभार संभाला था। सीईओ ने भारतीय टीम के अधिकार छीने। भुगतान रोके गए।

अब पढ़िए दविंदरजीत सिंह की 6 अहम बातें…

  • बाढ़ में जरूरतमंदों तक सही सहायता नहीं पहुंच पाई: उन्होंने कुछ महीने पहले आई बाढ़ में राहत सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कमजोर प्रबंधन और यूके से ज्यादा नियंत्रण के कारण जरूरतमंदों तक सही सहायता नहीं पहुंच पाई। कई निर्णयों में देरी हुई, सप्लायरों और वालंटियरों के भुगतान रोके गए, जिससे राहत कार्य बाधित हुए।
  • CEO ने पंजाब में चल रहे अभियानों में हस्तक्षेप किया: दविंदरजीत ने कहा कि खालसा एड के सीईओ रवि सिंह ने पंजाब में चल रहे अभियानों में अनुचित हस्तक्षेप किया और भारतीय टीम के अधिकार छीने। उनके अनुसार संस्था के सभी बड़े निर्णय विदेश से लिए जाते हैं, जहां के लोग जमीनी हकीकत से अनजान हैं।
  • संगठन पूरी तरह एक व्यक्ति के नियंत्रण में आ गया: उन्होंने बताया कि भारत ट्रस्ट में पांच ट्रस्टी हैं, जिनमें केवल दो भारतीय हैं और सिर्फ एक ही सक्रिय रूप से फील्ड कार्यों में शामिल होता है। इससे संगठन का ढांचा एक व्यक्ति के नियंत्रण में चला गया। रवि सिंह की माइक्रो मैनेजमेंट की आदत ने इस साल राहत सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
  • 2019 की बाढ़ राहत रिपोर्ट आज तक जारी नहीं: दविंदरजीत ने कहा कि 2019 की बाढ़ राहत रिपोर्ट आज तक जारी नहीं हुई। उस समय अमेरिका, यूके और कनाडा के चैप्टरों का संयुक्त पैसा लगा था। लेकिन उसका हिसाब नहीं दिया गया। 24 हजार खाद के बैग खरीदे गए। लेकिन केवल 7 हजार ही किसानों में बांटे गए। दो हजार वाटर प्यूरीफायर भी आज तक गोदाम में पड़े हैं। यह संगत के दान के दुरुपयोग के उदाहरण हैं।
  • बाढ़ में घटिया सामान बांटा गया: दविंदरजीत ने बताया कि खालसा Sड इंडिया का मुख्य बैंक खाता पिछले दो सालों से बंद है, जिससे भारत में चल रहे स्वास्थ्य और शिक्षा प्रोजेक्ट ठप पड़ गए हैं। लाखों गरीब लोग जिनका इलाज या शिक्षा मुफ्त में चल रहा था, अब प्रभावित हो रहे हैं।
  • खालसा एड छवि चमकाने के लिए यूज हो रहा: दविंदरजीत सिंह ने कहा कि खालसा ऐड अब लोक-कल्याण की बजाय व्यक्तिगत छवि प्रचार का माध्यम बन गया है। उन्होंने संगत से अपील की कि वे रवि सिंह से सवाल करें कि करोड़ों रुपए कहां और कैसे खर्च किए जा रहे हैं।
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