Haryana NSS Camp New Guideline Controversy Release | एनएसएस कैंप में वालंटियर की नई गाइड लाइन: छत के पंखे, पोछा, कमरे की सफाई नहीं करेंगे; गेस्ट मेमोंटो-गिफ्ट पर रोक, 120 घंटे काम जरूरी – Haryana News

Actionpunjab
4 Min Read



हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने 31 मार्च 2026 से पहले एनएसएस कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

हरियाणा में सभी राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) कैंप को लेकर उच्च शिक्षा विभाग (DHE) ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस गाइड लाइन को लेकर सूबे की सभी यूनिवर्सिटी, पॉलिटेक्निक और जिला कार्यालयों में सभी राष्ट्रीय सेवा योजना कोआर्डिनेटरों को निर्देश दिया है क

.

इसके बजाय, उन्हें सामुदायिक सेवा, जागरूकता अभियान और सामाजिक विकास गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ये एनएसएस की सच्ची भावना को मूर्त रूप देते हैं, क्योंकि शिविर का उद्देश्य स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है।

यहां पढ़िए नई गाइड लाइन में क्या क्या…

1. गेस्ट का वेलकम कैसे करें: नई गाइडलाइन में कोआर्डिनेटरों को बताया गया है कि एनएसएस कार्यक्रमों में बुलाए जाने वाले सभी गेस्ट का सम्मान पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से किया जाए, जैसे कि स्वयं पौधे लगाकर या अन्य एक्टिविटी कराकर।

2. गिफ्ट-स्मृति पर रोक: कैंप के लिए मिलने वाले फंड के खर्च के लिए कहा गया है कि ये फंड गतिविधियों के संचालन के लिए है, स्मृति चिन्ह खरीदने के लिए नहीं। इसलिए, नियमित गतिविधियों और शिविरों के दौरान अतिथियों को स्मृति चिन्ह या कोई अन्य वस्तु उपहार में देना प्रतिबंधित रहेगा।

3. डाक्टर की उपस्थिति अनिवार्य: NSS वालंटियर की भलाई सुनिश्चित करने के लिए शिविर के दौरान एक डॉक्टर की उपस्थिति को भी अनिवार्य किया गया है। यदि कोई वालंटियर बीमार पड़ता है, तो उसे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से बचाने के लिए दूसरों से दूर रखा जाना चाहिए।

4. NSS कैंप से पहले परमिशन लेनी होगी: विभाग ने इस बात पर भी जोर दिया है कि प्रत्येक संस्थान को माई भारत पोर्टल के जरिए एनएसएस गतिविधियों और शिविरों के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। एनएसएस के लिए 2025-26 का विषय ‘यूथ फॉर माई भारत’ और ‘यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी’ निर्धारित किया गया है।

6. सांस्कृतिक कार्यक्रम देश भक्ति वाले होंगे: सात दिवसीय विशेष शिविर केवल दिन व रात के ही लगाए जाएंगे। कैंप में सांस्कृतिक कार्यक्रमो में केवल देश भक्ति, सास्कृतिक या अन्य प्रेरणादायक गीत पर ही प्रस्तुती हो।

अब यहां पढ़िए वालंटियर के लिए जरूरी दिशा-निर्देश…

किसी वालंटियर को एनएसएस प्रमाणपत्र तभी मिलेगा जब वह दो साल की सेवा पूरी कर लेगा। इसके अलावा, हर साल कम से कम 120 घंटे काम करे और एक सात दिवसीय विशेष शिविर में भाग लेगा। प्रत्येक वालंटियर को हर साल कम से कम दो पौधे लगाने होंगे ताकि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। इसके अलावा दो साल में दो बार रक्तदान करना होगा या कम से कम पांच निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ाना होगा। 100 स्वयंसेवकों की प्रत्येक एनएसएस इकाई में से कम से कम 50 प्रतिशत को विशेष शिविर में भाग लेना होगा।

कोट

हाल ही में 2025-26 सेशन के लिए एनएसएस गतिविधियों और सात दिवसीय विशेष शिविरों के आयोजन के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कैंप के अच्छे परिवेश के लिए ये जरूरी हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है।

महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *