Tia Bajpai will be seen in the English horror film Lily Rose. | इंग्लिश हॉरर फिल्म लिली रोज में दिखेंगी टिया बाजपेयी: बोलीं- काम को लेकर चूजी हो गई हूं, अब क्वांटिटी नहीं क्वालिटी पर फोकस करती

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19 मिनट पहलेलेखक: इंद्रेश गुप्ता

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मल्टी-टैलेंटेड सिंगर और एक्ट्रेस टिया बाजपेयी बॉलीवुड और ग्लोबल म्यूजिक में अपनी अलग पहचान रखती हैं। ‘सारेगामापा’ से करियर की शुरुआत करने वाली टिया ने ‘1920’ और ‘हॉन्टेड’ जैसी हॉरर फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। एक खास बातचीत में उन्होंने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स, ग्लोबल विजन समेत कई बातों पर चर्चा की…

इन दिनों आप किस प्रोजेक्ट में बिजी हैं। आगामी प्रोजेक्ट्स क्या हैं?     

मेरा सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट एक इंग्लिश हॉरर फिल्म है जिसका नाम ‘लिली रोज’ है। साथ ही, एक प्रॉपर म्यूजिक एलबम भी जल्द ही रिलीज होने वाला है।

इन प्रोजेक्ट्स में आपकी एक्टिंग और सिंगिंग दोनों देखने को मिलेगी? 

हां, दोनों देखने को मिलेंगी। मैं अपनी फिल्मों में भी गाने गाती हूं। हॉरर फिल्म इसलिए चुनी क्योंकि दर्शक चाहते थे कि मैं हॉरर करूं।

बतौर सिंगर और सॉन्ग राइटर आपका ग्लोबल विजन क्या है?

मैं चाहती हूं कि मेरी कला पूरी दुनिया तक पहुंचे। मैं खुद को एक कलाकार (आर्टिस्ट) के तौर पर देखती हूं और चाहती हूं कि लोग मेरी कला की इज्जत करें। अच्छी आवाज ऊपर वाले का गिफ्ट है और मैं चाहती हूं कि यह मेहनत पूरी दुनिया तक पहुंचे।

इंडस्ट्री के दिग्गजों के साथ काम करने का अनुभव और सीख क्या रही हैं?     

सबसे अहम सीख है टेम्परमेंट (स्वभाव) बनाए रखना, खासकर दबाव में। दूसरा, सेट पर अपनी ज़िम्मेदारी समझना और काम को पूरा करना (जैसे ‘1920′ की शूटिंग में बर्फीले पानी में काम करना)। सह-कलाकारों के साथ काम करना अच्छा रहा, खासकर उनके सहयोग और अपनी लाइन्स को समय पर खुद देने की आदत के कारण।

क्या कभी एक्टिंग या सिंगिंग में से किसी एक पर फोकस करने का विचार आया?   

नहीं, क्योंकि दोनों ही मेरे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सिंगिंग बचपन से कर रही हूं लेकिन एक्टिंग ने मुझे खुद चुना। दोनों कला के रूप हैं। मैं दोनों में से किसी को भी चुनने की ज़रूरत महसूस नहीं करती, जैसे आप लेफ्ट या राइट हैंड में से किसी एक को नहीं चुनते।

मैं अपना परिचय भी केवल एक ‘कलाकार’ (आर्टिस्ट) के तौर पर देती हूं, जिसमें मेरे सारे आर्ट फॉर्म शामिल हैं।

‘सारेगामापा’ से शुरू हुई आपकी अब तक की जर्नी कैसी रही है?  

मैं खुद को बहुत किस्मतवाली समझती हूं कि इतनी कम उम्र में इतना कुछ देखा और किया। यह जर्नी बहुत खूबसूरत रही है। इसमें उतार-चढ़ाव आए लेकिन मेरे प्रशंसक हमेशा साथ रहे, जो मेरे लिए सबसे बड़ी चीज़ है। स्ट्रगल हर फील्ड में है क्योंकि कंपटीशन बहुत ज़्यादा है।

यह इंडस्ट्री एक बहुत बड़ा बिजनेस भी है, जिसमें अरबों का पैसा लगता है। सिर्फ अच्छा गाना या दिखना काफी नहीं है। आपको ऑडियंस को समझना, लुक, किस तरह के गाने गाने हैं। ये सब मिलाकर एक कंप्लीट पैकेज बनना पड़ता है। परदे के पीछे की बिजनेस स्टोरी समझना भी बहुत जरूरी है।

बतौर एक्ट्रेस, आगे आप किस तरह के रोल करना चाहती हैं?  

इतने सालों के काम से मुझमें ठहराव आ गया है और मैं चूजी हो गई हूं। अब मेरा फोकस क्वालिटी पर है, न कि क्वांटिटी पर। मैं अब ऐसे परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड और अच्छे रोल करना चाहती हूं जो एक लेगेसी छोड़कर जाएं, सिर्फ पैसे के लिए फिल्में नहीं करनी हैं।

लखनऊ से होने के नाते, जब आप घर जाती हैं तो कैसा अनुभव रहता है?    

मोहल्ले के लोग और पड़ोसी बहुत खुश होते हैं। जब मैं आती हूं तो वे प्यार से मेरे लिए कुछ न कुछ खाने को भेजते हैं। शहर के लोगों को खुशी होती है कि उनकी शहर की लड़की नाम कमा रही है। उनके प्यार से बहुत अच्छा महसूस होता है।

मेरे इवेंट्स को भी वहां बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है और बहुत इज्जत मिलती है। लखनऊ के लोगों में एक नज़ाकत है और उनके शहर की लड़की को इस मुकाम पर देखकर वे बहुत खुश होते हैं। उनकी आंखों में प्यार और गर्व झलकता है।

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