Assurance received for settlement of insurance claim of Rs 500 crore | 500 करोड़ का बीमा क्लेम के निस्तारण का मिला आश्वासन: किसानों की मांगों पर बनी सहमति, ट्रैक्टर रैली के बाद कृषि मंत्री साथ ढाई घंटे चली बैठक – Jaipur News

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चूरू जिले के किसानों की मांगों पर सोमवार देर रात सहमति बन गई। ट्रैक्टर रैली के बाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के साथ हुई बैठक में 500 करोड़ रुपए के लंबित फसल बीमा क्लेम सहित अन्य मुद्दों पर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए गए। यह बैठक पंत कृषि भवन

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सांसद राहुल कस्वां के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर रैली निकाली थी। 15 किलोमीटर बाद रैली रोकी गई, जिसके बाद कृषक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति, उर्वरक वितरण और एमएसपी टोकन से संबंधित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में किसानों का वर्ष 2021 का लगभग 500 करोड़ रुपए का फसल बीमा क्लेम लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा उठाया गया। कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि लंबित क्लेमों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति लेकर शीघ्र ही एसआरजीसी (State-Level Review Committee) की बैठक बुलाई जाएगी, ताकि किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित हो सके।

मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। चूरू जिले के सुजानगढ़, रतनगढ़ और बिदासर क्षेत्रों में उर्वरक की आपूर्ति नागौर जिले से करवाकर पूरी की जाएगी।

तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया ने बताया कि 2021 से 2025 तक किसानों के लंबित बीमा क्लेम के लिए लगातार संघर्ष किया गया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने हमारी मांगों को हल करने के लिए कहा है, उनका धन्यवाद। हमारी वार्ता बहुत अच्छी रही है। ऐसी वार्ता मेरे राजनीतिक काल में मैने कभी नहीं देखी। इन्होंने हमारी बीमा की रकम और अन्य मांगो को हल करने का वादा किया है।

किरोड़ी बोले- मांगों का पत्र भारत सरकार को भेजा जाएगा

वहीं, कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि बीमा क्लेम, जल जीवन मिशन की प्रगति, फर्टिलाइजर, एमएसपी के टोकन, पीएम धंधा ने योजना की शिकायत, झींगा मछली की मांग को लेकर आए थे। सभी मांगों का पत्र भारत सरकार को भेजा जाएगा। ये पूरी तरह से संतुष्ट है। इनके मामले में जो पेंडेंसी है उस पत्रावली को मुख्यमंत्री के पास भेजेंगे। वहीं, तीन जगह सुजानगढ, रतनगढ़, बीदासर वहां डीएपी की सप्लाई की कोई समस्या है। इसे हल करवाया जाएगा।

चूरू सांसद बोले- हमारी कोई आर्थिक मांग नहीं थी, तकनीकी थी

वहीं, चूरू सांसद राहुल कसवां ने कहा कि हमारी कोई आर्थिक मांग नहीं थी। हमारी मांग तकनीकी थी। इसमें एक प्रमुख मांग ये थी कि खरीफ 2021 की क्लेम राशि का था। इसी सरकार ने 29 फरवरी 2024 को किसान के पक्ष में फैसला देते हुए 500 करोड़ का क्लेम पास कर दिया था। इसके बाद बीमा कंपनी ने इस पर शिकायत दर्ज कराई। इस फैसले इसी साल 18 अगस्त को रद्द कर दिया था। इससे किसानों का नुकसान हुआ था। इसको लेकर मंत्री महोदय से आज बात हुई है। इसके बाद विभाग ने माना है कि वह फिर से इस पर ध्यान देकर चरणबद्ध रूप से कार्यवाही करेंगे। इससे हमारी जो राह क्लेम मिलने की बंद हो गई थी, वह खुल गई है।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल, आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी चिन्मयी गोपाल सहित प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य पुसाराम गोदारा, विधायक सुजानगढ़ मनोज मेघवाल, विधायक सरदारशहर अनिल शर्मा, विधायक नोहर अमित चाचाण, पूर्व विधायक सादुलपुर कृष्णा पूनिया, पूर्व विधायक भादरा बलवान पूनिया, पीसीसी सदस्य रफीक मंडेलिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी चूरू इन्द्राज खिचड़ और विभिन्न किसान नेताओं सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान नेता उपस्थित रहे।

रात साढ़े 11 बजे तक चली बैठक

यह मैराथन वार्ता पंत कृषि भवन में सोमवार रात 11:30 बजे तक जारी रही, जिसके बाद किसानों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। बता दें कि चूरू सांसद राहुल कसवां किसानों के बकाया 500 करोड़ के बीमा क्लेम को जल्द से जल्द दिलवाने सहित डीएपी-यूरिया की किल्लत समाप्त करने, समर्थन मूल्य पर खरीद, बीमा पोर्टल त्रुटियों का समाधान और कृषि कनेक्शन जारी करने की मांग को लेकर अन्य मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

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