गवर्नर गुलाब चंद कटारिया को शिकायत करने वाले राज चढ्ढा।
नगर निगम की तरफ से सार्वजनिक स्थलों पर कूडा फेंकने वालों के घर बाहर ढोल बजाने काम मामला गवर्नर हाउस पहुंचा है। चंडीगढ़ सोशल ग्रुप की तरफ से इसकी लिखित में शिकायत गर्वनर गुलाब चंद कटारिया को लिखकर भेजी गई है।
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इसमें कहा गया है कि नगर निगम के अधिकारी कानून और व्यवस्था से ऊपर होकर काम कर रहे हैं। कहीं पर भी ऐसा प्रावधान नहीं है कि किसी भी तरह की गलती या गुनाह करने वाले को जलील किया जाए। यह किसी भी तरह से ठीक नहीं है।

चंडीगढ़ में सार्वजनिक जगहों पर कूडा फेंकने वालों के घर बाहर ढोल बजाते कर्मचारी, इसके खिलाफ राज्यपाल को शिकायत दी गई है।
ग्रुप के सदस्य राज चढ्ढा व राहुल महाजन की तरफ से दी गई इस शिकायत में किसी के घर के बाहर सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का हक किसी को नहीं है। यह एक गंभीर अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए। सदस्यों ने यह उठाई है कार्रवाई की मांग
- इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और इन कर्मचारियों और अधिकारियों को सस्पेंड करें। इनसे लिखित में सार्वजनिक माफी मंगवाएं, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना न हो।
- विभाग जनता की सेवा के लिए है, न कि किसी को सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने के लिए। आशा है कि आप इस मामले में तुरंत कार्रवाई करेंगे और शहर के लोगों को न्याय दिलाएंगे।
- माफी को सार्वजनिक किया जाए, जिस प्रकार जनता ,महिलाओं और बच्चों को अखबार में प्रकाशित कर अपमानित किया है ! आशा करते है आप इसे गंभीरता से लेगे ! और जनता के अपमान को न्याय देंगे !

सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, जिनकी तरफ से भी इसका विरोध किया गया था।
सीनियर डिप्टी मेयर ने जताया था विरोध, फिर भी बजे ढोल नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी की तरफ से इसका विरोध जताते हुए, इस फैसले को वापिस लेने की मांग उठाई गई थी।
मगर इसे दरकिनार कर दिया गया और उसी दिन सोमवार 17 नवंबर 2025 को वार्ड नंबर 5 और 6 में दो लोगों के घरों के बाहर जाकर उन्हें कूडा लौटा दिया था और उन्हें शर्मिंदा करने के लिए घर के बाहर ढोल बजाने के साथ साथ उनकी फोटो और वीडियो भी सार्वजनिक की थी।
इस कारण ही फोटो रिलीज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

चंडीगढ़ में महिला को सार्वजनिक तौर पर शर्मिंदा करने वाले इन कर्मचारियों को सस्पेंड करने की मांग उठी है।
वह आदेश जो विरोध की वजह बने हैं….
- चंडीगढ़ नगर निगम ने बीते दिनों ऐलान किया था कि कूड़ा फेंकने का वीडियो सबूत के तौर पर रखा जाएगा और बाद में नगर निगम के कर्मचारी वही कूड़ा घर ले आएंगे। बैंड बाजे के साथ घर का वीडियो बनेगा और बाद में इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जाएगा। शर्मिंदगी देने के लिए “कूड़ा फेंक रहे हो? मुस्कुराओ… तुम कैमरे पर हो, गाना भी बजाया जाएगा।
- नगर निगम की तरफ से शिकायत नंबर जारी करते हुए कहा गया है कि अगर कोई कूड़ा फेंकते हुए दिखता है, तो उसका वीडियो या फोटो खींचकर शिकायत संबंधी जारी वॉट्सऐप नंबर 9915762917 पर भेजा जा सकता है। यही नहीं नगर निगम के आईएम चंडीगढ़ एप पर भी इसे अपलोड किया जा सकता है।
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के आदेश की 3 अहम बातें…
- कर्मचारियों को कूड़े पर जीरो टॉलरेंस के आदेश: नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी फील्ड कर्मचारियों को कूड़े को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के लिए आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आदतन उल्लंघन करने वालों को बार-बार चालान और सार्वजनिक रूप से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
- कूड़ा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को साफ रखना सिर्फ नागरिक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक कानूनी दायित्व है। जानबूझकर कूड़ा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील: कमिश्नर ने कहा कि लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं। अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। शहर के स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें। कूड़ा निपटारा के मापदंडों का पालन करने और चंडीगढ़ की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में एमसीसी के साथ हाथ मिलाएं।