सोशल मीडिया पर बीते कुछ घंटों से दो वीडियो शेयर हो रहे है। जिसमें एक संविदा कर्मी घायलों की एमएलसी (मेडिकल) करता नजर आ रहा है। वहीं पीड़ित ने सीएमएचओ को लिखित में शिकायत भी दी है। इस पर विभाग ने दो डॉक्टरों की जांच टीम बनाकर तीन दिन में जांच करने के न
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इधर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने एमएलसी दुबारा करवा दी है। जिसमें कोई गंभीर चोट सामने नहीं आई है।
दरअसल, बाड़मेर जिले के गिराब थाना इलाके में दीपावली 20 अक्टूबर को दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद पीड़ित कचराराम पुत्र सगुड़ाराम निवासी जीणे की बस्ती तहसील गडरारोड ने गिराब थाने में रिपोर्ट देकर 21 अक्टूबर को मामला दर्ज करवाया गया। गिराब हॉस्पिटल (PHC) में पीड़ित का हॉस्पिटल करवाया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पीएचसी गिराब में डॉ. नरेंद्र मीणा उपस्थित नहीं थे। वहां पर हठेसिंह नाम के व्यक्ति ने बताया कि डॉक्टर में ही हूं, मेडिकल मेरे ओर से किया जाएगा। हठेसिंह कच्चे पेपर पर लिखकर कहा मेडिकल हो गया। उसके बाद तबीयत ठीक नहीं होने पर सोनाग्राफी और एक्सरे करवाया तो दांत टूटा पाया गया। डॉक्टर नहीं होने के बावजूद बिना घायलों को देखें मेडिकल रिपोर्ट फर्जी बनाकर एमएलसी 30 अक्टूबर को एससीएसटी सैल अधिकारी बाड़मेर को दे दी। मारपीट करने वाले हठेसिंह के रिश्तेदार होने और फर्जी मेडिकल बनाने का आरोप लगाए है।

पीड़ित कचराराम ने डॉक्टर और संविदाकर्मी पर लगाए फर्जी मेडिकल रिपेार्ट के आरोप।
लिखित में सीएमएचओ को शिकायत
पीड़ित कचराराम ने 5 सितंबर को सीएमएचओ लिखित शिकायत दी। इसमें डॉक्टर नरेंद्र मीणा और संविदा कर्मी हठे सिंह पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाई है। पुलिस जांच रिपोर्ट में बचाने के लिए गलत और एमएलसी रिपोर्ट बनाई है। डॉक्टर और हठेसिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
सीएमएचओ ने बनाई कमेटी
सीएमएचओ ने वीडियो और शिकायत के आधार पर 6 नवंबर को आदेश निकालकर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। साथ तीन दिन में बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक जांच पेडिंग चल रही है।
सीएमएचओ विष्णुराम विश्नोई ने बताया- दो डॉक्टरों की टीम को जांच को कल भेजा जाएगा। जांच करने के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या अनियमितता रही है। उसके बाद लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएचओ ने 6 नवंबर को जांच के आदेश दिए लेकिन अभी तक जांच नहीं की।
कोर्ट आदेश के बाद दुबारा करवाया मेडिकल
एससी-एसटी सैल अधिकारी अरविंद जागिड़ का कहना है कि कोर्ट ने 13 नवंबर को दुबारा एमएलसी करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद हमने 14-15 नवंबर को मेडिकल करवा दिया था। एक पीड़ित का दांत में परेशानी होने पर दांतों के डॉक्टर से मेडिकल करवाया। बाहर की चोट से कोई दिक्कत नहीं है अंदरुनी बीमारी की वजह से हुआ है। दूसरे पीड़ित के बिल्कुल नॉर्मल है। एमएलसी जो पहले आई थी वहीं आई है।