Anmol Bishnoi Pakistan Connection; Turkey-China Drone | Rajasthan ATS | लॉरेंस के बाद अनमोल का पाकिस्तानी नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी: तुर्किए-चीन में बने हथियार बॉर्डर से ड्रोन से मंगवाने की आशंका, कई वारदातों में इस्तेमाल – Rajasthan News

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राजस्थान से लगते पाकिस्तान बॉर्डर पर अवैध हथियारों और ड्रग्स की तस्करी लगातार बढ़ रही है। इस कारण सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ रही है।

अमेरिका से डिपोर्ट हुए अनमोल विश्नोई से सुरक्षा एजेंसियां उसके पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ करेगी। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के अनुसार अनमोल भारत में आतंक के लिए चीन और तुर्किए के हथियारों का इस्तेमाल करता था।

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राजस्थान में राजू ठेहट मर्डर, मुंबई में बाबा सिद्दिकी मर्डर और पंजाब में सिद्धू मूसेवाला जैसे चर्चित हत्याकांड में भी तुर्किए में बने हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।

राजस्थान एटीएस की मानें तो ये हथियार राजस्थान से सटे भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से ड्रोन के जरिए भारत पहुंचाए जाते थे।

हाल ही में गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े तीन संदिग्ध आतंकियों को भी राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार पहुंचाए गए थे। ये हथियार भी ड्रोन के जरिए पहुंचे थे।

अनमोल हथियारों को कैसे चीन और तुर्किए से पाकिस्तान लाया और फिर भारत में इनकी डिलीवरी की? पाकिस्तान में कौन है जो लॉरेंस गैंग को सपोर्ट कर रहा है? इन सभी सवालों के जवाब एजेंसियां अनमोल से पूछताछ कर रही हैं।

कई वारादातों में इस्तेमाल विदेशी हथियार

सूत्रों के अनुसार देश में लॉरेंस गैंग ऐसी पहली गैंग है जो आतंक फैलाने में चीन और तुर्किए में बने हथियारों का इस्तेमाल करती है। बाकी ज्यादातर गैंग के पास होम मेड वेपन हैं।

चीन और तुर्किए में लॉरेंस गैंग की अच्छी पकड़ होने के कारण इन्हें आसानी से हथियार मिल जाते हैं। इनकी कीमत इंडियन वेपन से कई गुना अधिक होती है। ये एक बार में 30 से 40 राउंड भी फायर कर सकते हैं।

आशंका- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए सप्लाई

राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान के मादक पदार्थ आने की घटनाएं आम हैं। IG एटीएस विकास कुमार ने बताया कि करीब 3 साल से पाकिस्तान भारत में ड्रोन की मदद से मादक पदार्थ की सप्लाई कर रहा है।

बीएसएफ सहित लोकल पुलिस और एटीएस इस संबंध में कई बार कार्रवाई कर चुकी है। ऐसे में राजस्थान एटीएस को आशंका है कि पाकिस्तान ने लंबी दूरी तय करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार डिलीवर किए जा रहे हैं।

हाल ही में गुजरात एटीएस की रडार में आए 3 संदिग्ध मोहियुद्दीन, सुलेमान शेख एवं मोहम्मद सुहैल ने भी खुलासा किया था कि उनके पास हथियार हनुमानगढ़ से पहुंचे थे।

अनमोल के पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि करेगी एनआईए

NIA लॉरेंस के पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि कर चुकी है कि कैसे वह पाकिस्तान के आतंकियों के साथ मिलकर भारत में हथियार मंगवाता था।

उसका भाई अनमोल पाकिस्तान में किस ग्रुप के साथ जुड़ा था, अब इसे लेकर उससे पूछताछ की जानी बाकी है। हालांकि, एनआईए ने माना है कि अनमोल अपने भाई लॉरेंस विश्नोई के आतंकी सिंडिकेट का ही हिस्सा है।

अनमोल विश्नोई के ड्रग्स के धंधे से भी जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये लोग फेक करेंसी में भी डील कर रहे थे। गैंग रंगदारी से रिकवर किए गए पैसों को एक देश से दूसरे देश में भेजती है।

अनमोल को अमेरिका 19 नवंबर को दिल्ली लाया गया। कोर्ट ने उसे 11 दिन की NIA की कस्टडी में भेज दिया है।

अनमोल को अमेरिका 19 नवंबर को दिल्ली लाया गया। कोर्ट ने उसे 11 दिन की NIA की कस्टडी में भेज दिया है।

अनमोल के पास था हथियारों की डिलीवरी का जिम्मा

अनमोल भारत-पाक सीमा से जुड़े कई जिलों और राज्यों में ड्रोन की मदद से किन जगहों पर हथियार मंगवाते और फिर कैसे वह हथियार एक-दूसरे तक सर्कुलेट करते थे, इसे लेकर एजेंसियां पूरा नेटवर्क खंगालने में लगी हुई हैं।

अनमोल की गैंग का मुख्य काम केवल हथियारों की डिलीवरी करना था। लोकेशन मिलने के बाद हथियार कैसे और कब पहुंचेगा इसकी जानकारी अनमोल के पास होती थी। डिलीवरी के लिए अलग-अलग जिलों में गैंग के युवकों से यह काम कराया जाता था, जिसके लिए उन्हें पैसा भी दिया जाता।

अनमोल गैंग के गुर्गों को देता था विदेश में सैटल करने का झांसा

गैंग के पकड़े गए सदस्यों ने पूछताछ में कई बार बताया है कि वो अनमोल के निरंतर संपर्क में रहते थे। हथियार डिलीवर की जानकारी देते थे। इसके बाद अनमोल उन्हें कब क्या करना है, इसे लेकर जानकारी देता। काम होने पर कैश भिजवाने का काम भी अनमोल ही करता था।

लॉरेंस गैंग के लोग अनमोल बिश्नोई को 'भानू, भैया जी, छोटा गुरुजी या छोटा डॉन’ भी कहते हैं।

लॉरेंस गैंग के लोग अनमोल बिश्नोई को ‘भानू, भैया जी, छोटा गुरुजी या छोटा डॉन’ भी कहते हैं।

दो से तीन माह के बीच में अनमोल अपनी गैंग के युवकों से इंटरनेट कॉलिंग के जरिए बात करता। उनको विदेश में सेटल करने का झांसा देता। दावा करता कि गैंग के किसी भी सदस्य को भारत में अगर कोई परेशानी होती है तो वह उसके परिवार को भी विदेश में शिफ्ट करा देगा।

6 देशों में गैंग के 18 गुर्गे NIA के अनुसार अनमोल विश्नोई की गैंग से जुड़े 18 सदस्य 6 देशों में मौजूद हैं। ज्यादातर साथी पुर्तगाल, इटली, अमेरिका, बुल्गारिया, तुर्की, दुबई में हैं। गोल्डी बरार कैलिफोर्निया, अमेरिका में और ऐसे 9 सहयोगी हाल ही में नकली नई पहचान पर पासपोर्ट बनाकर भारत से भाग गए हैं।

पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, अनमोल ने भानु प्रताप नाम से फेक पासपोर्ट भी बनवाया था।

पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, अनमोल ने भानु प्रताप नाम से फेक पासपोर्ट भी बनवाया था।

अनमोल विश्नोई पर सबसे ज्यादा राजस्थान में 22 मुकदमे

अनमोल विश्नोई के खिलाफ राजस्थान और पंजाब राज्यों में लगभग 31 मामले दर्ज हैं। राजस्थान में अनमोल विश्नोई के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत 22 मामले दर्ज हैं।

वर्ष 2017 में, जोधपुर के व्यवसायी वासुदेव की लॉरेंस विश्नोई और अनमोल विश्नोई ने फिरौती की रकम न मिलने पर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के शूटरों की अनमोल विश्नोई ने मदद की थी।

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अमेरिका में डेढ़ साल पहले पकड़े गए गैंगस्टर अनमोल विश्नोई को भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। अनमोल लॉरेंस का भाई है। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के घर फायरिंग समेत कई मामलों में आरोपी है…(CLICK कर पढ़ें)

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