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जयपुर में सिविल लाइंस एरिया में तेंदुआ (लेपर्ड) आ गया। दौड़ते-भागते जल संसाधन मंत्री के आवास में घुस गया। वनकर्मी रेस्क्यू करने दौड़ते रहे। उदयपुर में दिव्यांग डांसर ने घूमर महोत्सव में खूब डांस किया। डिप्टी सीएम ने नगाड़ा बजाकर प्रदेशभर में घूमर कार्यक्रम की शुरुआत की थी। झालावाड़ में SDM साहब ने BLO का काम हल्का कर दिया। खुद गांव-गांव घूमकर SIR फॉर्म भरने की अपील कर रहे हैं। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…
1. मंत्रीजी के आवास में घुसा तेंदुआ
बाड़ ही खेत को खा रही है। वन अधिकारी ही पेड़ काटने वालों से हाथ मिला रहे हैं और जंगल का सौदा कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार की हद यह है कि बड़े अफसरों को बचाने के लिए शिकायत करने वालों पर ही कार्रवाई भी की जा रही है। इमारतों के जंगल वन्यजीवों की पनाहगाह (सुरक्षित स्थान) तक पहुंच गए हैं।
सिमटते जंगलों के बीच वन्यजीवों के बढ़ते कुनबे के सामने समस्या आ गई है। भोजन के लिए जानवरों को बड़ा एरिया चाहिए। प्राकृतिक जलस्रोत खत्म होते जा रहे हैं।
जंगल में तेंदुआ यही सब सोचकर उदास बैठा था। उसके दोस्त युवा तेंदुए ने पूछा- क्या बात है भैया, परेशान हो। तेंदुए ने मन की व्यथा सुनाई।
दोस्त भावुक हो गया। बोला- मैं अभी इंसानों की बस्ती में जाता हूं। वहां के जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाता हूं। मंत्रीगण से ध्यान देने की अपील करता हूं।
तेंदुआ रोकता रह गया। बोला- शहर में खतरा है दोस्त। वहां इंसान तेंदुओं को पसली तोड़कर मार डालते हैं।
दोस्त रुका नहीं। सीधे जल संसाधन मंत्रीजी के आवास पर पहुंच गया। वह अपनी बात कहता इससे पहले हल्ला मच गया। उसे पकड़ने के लिए वनकर्मियों की टीम ट्रेंकुलाइजर और जाल तानकर चल पड़ी।
तेंदुआ जान बचाकर भागता फिरा। एक बार तो एक स्कूल में भी घुसा। लेकिन उसे लगा कि यहां तो बच्चे तक सुरक्षित नहीं। वह वहां से भी निकल गया। आखिर उसे ट्रेंकुलाइज कर दबोच लिया गया।

जयपुर में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के सिविल लाइंस स्थित आवास में लेपर्ड घुस गया। यहां से निकलकर लेपर्ड आसपास के कई घरों और स्कूल में भी घुसा। इससे अफरा-तफरी मची रही।
2. एसडीएम का अनोखा अंदाज
इन दिनों SIR का जोर है। यह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम है। जाहिर है कि यह विशेष भी है और गहन भी है।
सरकारी टीचर्स (BLO) को पहले से ही गहन और विशेष काम करने पड़ते हैं। पढ़ाई के अलावा उन्हें 32 तरह के कामों में लिया जाता है।
इस विशेष काम की जिम्मेदारी BLO को दी है। उन पर प्रेशर है कि जल्दी से जल्दी मतदाता से फॉर्म भरवाया जाए और वापस लेकर अपडेट किया जाए।
बीएलओ तनाव में आ गए। तनाव खतरनाक है। तनाव के चलते आदमी कुछ भी गलत-सलत कदम उठाता है। तनाव के चलते दिल पर जोर पड़ने लगता है।
बीएलओ-गणों के तनाव को देखते हुए झालावाड़ के झालरापाटन के SDM साहब खुद मैदान में उतर गए। भोंपू और माइक लेकर गांव-गांव गए।
ऐलान किया कि सभी गांव वाले बीएलओ का सहयोग करें। ढाणी-ढाणी में पहुंच कर SIR जिंदाबाद के नारे तक लगवा दिए।
उनका जज्बा देख गांव वाले भी आगे आए। तेजी से SIR का काम चल रहा है। एक गांव में तो फॉर्म भरने के बाद महिलाएं खुशी में मंगल गीत गाने बैठ गईं। एसडीएम साहब पीछे बैठकर ताली बजाने लगे।

झालावाड़ में झालरापाटन एसडीएम अभिषेक चारण (काले जैकेट में) गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को SIR फॉर्म भरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वृंदावन गांव की महिलाएं तो गीत गाने लगीं।
3. दिव्यांग डांसर ने किया घूमर
राजस्थान की संस्कृति की झलक दिखाने वाले घूमर महोत्सव की खूब चर्चा हुई। डिप्टी सीएम साहिबा ने नगाड़ा बजाकर जयपुर में महोत्सव की शुरुआत की।
प्रदेश के सातों संभाग में एक साथ 6100 महिलाओं ने घूमर किया। डिप्टी सीएम ने भी महिलाओं के साथ घूमर किया।
सबसे ज्यादा प्रेरित किया उदयपुर की दिया श्रीमाली ने। दिया श्रीमाली दोनों हाथों से दिव्यांग। फिर भी उन्होंने घूमर की मनमोहक प्रस्तुति दी। हर कोई वाह-वाह कर उठा।
इसी जज्बे के साथ राजस्थान की महिलाओं ने घूमर महोत्सव को एशिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में दर्ज कराया। मातृ शक्ति को नमन।

जयपुर में घूमर महोत्सव शुरू करते हुए डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने नगाड़ा बजाया। वहीं उदयपुर की दिव्यांग डांसर दिया श्रीमाली ने सभी का दिल जीत लिया।
4. सरकारी नौकरी वाला पेड़
‘हर शाख पे उल्लू बैठा है, अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा…’ शौक बहराइची साहब ने ये शेर शौक-शौक में नहीं लिख दिया था।
जरूर उन्हें आभास हो गया था कि हर शाख पर उल्लू बैठा हुआ है। ऐसे में उन्हें बगीचे के अंजाम को लेकर बड़ी फिक्र थी।
जब यह शेर लिखा गया तब अंग्रेजों का राज था। ऐसे में हर शाख पर उल्लू बैठा होने पर यकीन किया जा सकता है।
लेकिन स्वराज आने के बाद भी उल्लुओं का बगीचे पर कब्जा कायम रहा। बल्कि उनका कुनबा फलता-फूलता रहा।
क्योंकि शेर का महत्व आजादी के बाद भी कम नहीं हुआ। बल्कि लोगों की इस शेर में दिलचस्पी बढ़ने लगी।
अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा है। दावा किया जा रहा है कि फलोदी में एक ऐसा पेड़ है, जिसकी शाख पर पेन लटकाने से सरकारी नौकरी मिलती है।
पेड़ पर बेशुमार पेन लटके हैं। प्रोसेस यह बताई गई है कि पढ़ाई के काम में इस्तेमाल किया गया पेन ही शाख से लटकाना है।
पेपर लीक माफियाओं और डमी कैंडिडेट ब्रोकर्स को शायद इस पेड़ की जानकारी नहीं है। वरना अब तक इस पर कब्जा कर लिया गया होता।
ये भी हो सकता है कि ऊंची बोली लगाकर कोई बड़ा कोचिंग संस्थान इस पेड़ को जड़ समेत खरीद लेता।

सोशल मीडिया पर इस पेड़ की चर्चा है जिस पर बहुत से पेन टंगे हैं। दावा है कि पेड़ फलोदी में है। सरकारी नौकरी की आस में युवा पेन टांगकर जाते हैं।
वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…