उदयपुर के इसी खेरोदा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
उदयपुर में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर रहे एक बीएलओ पर हमला करने का मामला सामने आया है। बीएलओ ने गांव के प्रशासक (सरपंच) पर हमले का आरोप लगाया है। बीएलओ ने पुलिस को दी FIR में कहा कि जब भी वह SIR के काम के लिए निकलता है। प्रशासक अपने क
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यह मामला उदयपुर जिले के खेरोदा पुलिस थाना क्षेत्र से सामने आया था। खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई ने बताया- वल्लभनगर विधानसभा के भाग संख्या 151 में काम कर रहे बीएलओ सवलाल मीणा (58 )ने थाने में दी रिपोर्ट पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
अब समझे पूरा मामला
बीएलओ सवलाल ने रिपोर्ट में बताया कि मैं 15 नवंबर को एसआईआर के फॉर्म इकट्ठे कर घर जा रहा था। इस दौरान शाम 7.40 बजे नागलिया गांव के सरपंच मनमोहन मीणा ने कार से हमला करने का प्रयास किया। वहां से भागकर मैंने अपनी सुरक्षा की। इस बीच उसी दिन रात करीब 9.30 बजे वे फिर मेरे घर पर हमला करने के लिए कार मे पांच-सात व्यक्तियों को बैठा कर लाया और हमला किया। बीएलओ ने कहा- पत्नी राधी ने मेरे को कमरे मे बंद कर दिया। मेरी सुरक्षा की।
अगले दिन फिर पीछे पड़े
बीएलओ ने बताया- अगले दिन 16 नवंबर को फॉर्म इकट्ठे करके रायला गांव से नागलिया अपने घर पर लौट रहा था। इस दौरान बडाखाल चौराहा पर फिर कार से हमला करने का प्रयास किया। मुझे रास्ते में सुनसान जगह रुकवाकर मारपीट का प्रयास किया। मैं सूझबूझ से मोटरसाईकल लेकर वहां से भाग गया।
20 को वापस किया तो पुलिस को रिपोर्ट दी
बीएलओ मीणा ने बताया कि 20 नवंबर को मै एसआईआर के फॉर्म देने गया तो देखा कि वो लोग मेरी रैकी कर रहे हैं। वहां रास्ते में आंगनवाड़ी में देखकर मेरे पीछे लगे, लेकिन मैं वहां से भाग कर घर पहुंच गया। इसके बाद सुरक्षा को लेकर बीएलओ ने पुलिस की शरण ली।
बीएलओ ने 20 को दी रिपोर्ट
इस बीच बीएलओ मीणा ने 20 नवंबर की शाम को खेरोदा थाने जाकर पूरा मामला बताया और एक लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया। इसमें अनुसंधान शुरू कर दिया है।
बता दें कि बीएलओ सवलाल मीणा नागलिया गांव का निवासी है। वह सरकारी शिक्षक है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला, धारा 126(2) गलत तरीके से रोकने और 189(2) की धारा लगाई है।
पहले पुलिस को पत्थर मार चुका सरपंच थाना अधिकारी सुरेश विश्नोई ने बताया फरवरी 2025 में सरपंच ने पूर्व में भी एक मारपीट के मामले में पुलिस पर पत्थर मारे जिस पर हेड कांस्टेबल महेंद्र को पत्थर मारा था। उन्होंने बताया कि तब पुलिस ने सरपंच सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
