ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने नई पंचायत समितियों की अधिसूचना जारी की है। इसके बाद डूंगरपुर जिले में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सरोदा को पंचायत समिति नहीं बनाए जाने पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विरोध जताया।
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सरोदा में ग्रामीणों ने अधिसूचना की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डूंगरपुर में पंचायत पुनर्गठन के तहत पाडवा और भंडारी को दो नई पंचायत समितियां बनाया गया है। वहीं, सरोदा को इस सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी आक्रोश के तहत सरोदा पंचायत के सरपंच पन्नालाल डोडियार के नेतृत्व में पंचायती राज के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण सरोदा बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।

सरोदा को पंचायत समिति नहीं बनाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया।
सरपंच पन्नालाल डोडियार और पूर्व उप सरपंच किशोर भट्ट ने बताया कि जनप्रतिनिधि और ग्रामीण वर्ष 2017 से सरोदा को पंचायत समिति बनाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने उन्हें आश्वासन दिया था, लेकिन दोनों ने सरोदा की अनदेखी की और पास की पाडवा पंचायत को समिति बना दिया।
उन्होंने तर्क दिया कि सरोदा पंचायत पाडवा से हर मायने में आगे है और विभिन्न पंचायतों का केंद्र बिंदु है। यह पंचायत समिति बनाए जाने के लिए सभी मापदंडों को पूरा करती है, इसके बावजूद इसे समिति नहीं बनाया गया।
ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है कि उन्हें इसका परिणाम आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।