Sonipat Painter Dharmendra Devotion Story With 350 Bollywood Posters And Rare Memories | सोनीपत में एक्टर धर्मेंद्र की पूजा करता है पेंटर: अपना नाम धर्मेंद्र, बेटे का हीमेंद्र रखा; दुकान पर 350 से ज्यादा पोस्टर लगाए – Sonipat News

Actionpunjab
8 Min Read


विनोद (पेंटर धर्मेंद्र) दुकान में मंदिर में धर्मेंद्र की फोटो के सामने पूजा करते हुए।

बॉलीवुड के ‘हीमैन’ कहे जाने वाले एक्टर धर्मेंद्र का हरियाणा के सोनीपत में एक जबरा फैन है, जिसके घर से लेकर दुकान तक हर जगह धर्मेंद्र की तस्वीरें लगी हुई हैं। उन्होंने दुकान में बने मंदिर में भी धर्मेंद्र की तस्वीर रखी है और वे रोजाना उनकी पूजा करते ह

.

जब उनके बेटे का जन्म हुआ, तो उन्होंने धर्मेंद्र से ही नामकरण करवाते हुए उसका नाम हीमेंद्र रखा। उनकी दुकान में धर्मेंद्र की फिल्मों के 350 से अधिक पोस्टर लगे हैं। धर्मेंद्र ने करीब 300 फिल्मों में काम किया है और शायद ही कोई ऐसी फिल्म होगी जिसका पेंटर ने पोस्टर न लगाया हो।

24 नवंबर को धर्मेंद्र के निधन की खबर के बाद से सोनीपत में इस फैन का मन इतना उदास है कि उनके घर में एक दिन चूल्हा नहीं जला। वे नम आंखों से कहते हैं, “मेरा भगवान दुनिया से चला गया, लेकिन मैं उन्हें अपने दिल-दिमाग में और हर पल जिंदा रखूंगा।”

विनोद ने अपनी दुकान में धर्मेंद्र की फिल्मों के पोस्टर लगाए हुए हैं।

विनोद ने अपनी दुकान में धर्मेंद्र की फिल्मों के पोस्टर लगाए हुए हैं।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए विनोद उर्फ धर्मेंद्र’ की कहानी…

बचपन से धर्मेंद्र के मुरीद-विनोद इंदोरा बने ‘धर्मेंद्र’ सोनीपत में कोट मोहल्ला बीज मार्केट के रहने वाले विनोद इंदोरा बचपन से ही धर्मेंद्र की फिल्मों के मुरीद रहे हैं। 11वीं करने के बाद उन्होंने धर्मेंद्र की फिल्में देखनी शुरू कीं। विनोद बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र के इतने मुरीद हुए कि उन्होंने अपना नाम बदलकर धर्मेंद्र रख लिया। यहां तक की पेंटर धर्मेंद्र के नाम से ही वह सोनीपत के पुरखास अड्डा पर अपनी दुकान चलाते हैं।

धर्मेंद्र साल 1992 से पेंटिंग का काम कर रहे हैं। उनके परिवार में पत्नी मंजू, दो बेटे हीमेंद्र और लक्की और एक बेटी प्रतिज्ञा है।

विनोद धर्मेंद्र पर पर लिखी कविता को एल्बम पर लिखकर उन्हें भेंट कर चुके हैं।

विनोद धर्मेंद्र पर पर लिखी कविता को एल्बम पर लिखकर उन्हें भेंट कर चुके हैं।

परिवार में भी धर्मेंद्र की छाप-बेटे-बेटी के नाम फिल्मों से जुड़े धर्मेंद्र पेंटर ने अपने एक बेटे का नामकरण बॉलीवुड स्टार धर्मेंद्र से करवाया था, और उन्होंने अपनी बेटी का नाम भी धर्मेंद्र की फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ के नाम पर रखा है। वे अपने दूसरे बेटे लक्की का नाम भी धर्मेंद्र से ही रखवाना चाहते थे, लेकिन उनके ससुर ने कहा कि एक नाम उनकी इच्छा से भी रखा जाए, इसलिए उन्होंने लक्की नाम रखा।

धर्मेंद्र का कहना है कि वह उन्हें अपना भगवान मानकर ही अपने काम की शुरुआत करते हैं। उन्होंने धर्मेंद्र का नाम अपनी दुकान पर लिखा है, तब से लोग उसे धर्मेंद्र का सबसे बड़ा फैन समझते हैं। उन्होंने ललकार, प्रतिज्ञा, मेरा गांव मेरा देश, शोले जैसी फिल्में कई बार देखी हैं। उनकी कोई भी फिल्म ऐसी नहीं छोड़ी है, जो उन्होंने न देखी हो। सभी फिल्मों के नाम मुंह जुबानी याद है।

पेंटर धर्मेंद्र की परिवार के साथ फाइल फोटो। चेक शर्ट में हीमेंद्र है, जिसका धर्मेंद्र ने नामकरण किया था।

पेंटर धर्मेंद्र की परिवार के साथ फाइल फोटो। चेक शर्ट में हीमेंद्र है, जिसका धर्मेंद्र ने नामकरण किया था।

2012 में पहली बार मुंबई में धर्मेंद्र से मुलाकात पेंटर धर्मेंद्र ने बताया कि वे बचपन से ही धर्मेंद्र से मिलने की चाह रखते थे। आखिरकार, 27 जनवरी 2012 को मुंबई में बॉबी देओल के जन्मदिन पर गए, जहां उनके दोस्त अजीत भी साथ थे। पहले दिन उन्होंने धर्मेंद्र का बंगला ढूंढा और जैसे ही वे बंगले के सामने पहुंचे, उन्होंने दरवाजे के सामने सिर रखकर नमन किया। अगले दिन, जन्मदिन की बधाई के साथ, वे धर्मेंद्र से मिलने पहुंचे।

जब वे पहली बार धर्मेंद्र से मिले, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि वे सच में धर्मेंद्र के सामने खड़े हैं। वे नतमस्तक हो गए और करीब 5-6 मिनट तक उनकी जुबान नहीं खुली। जब उनके साथी अजीत ने उनके फैन होने का जिक्र किया, तो धर्मेंद्र ने उन्हें गले लगा लिया।

साल 2012 में पेंटर जब पहली धर्मेंद्र से मिले तो उन्होंने उनके पैर छूए।

साल 2012 में पेंटर जब पहली धर्मेंद्र से मिले तो उन्होंने उनके पैर छूए।

धर्मेंद्र ने फोन कर बेटे का नाम हीमेंद्र बताया पेंटर ने कहा कि जब वह पहली बार धर्मेंद्र से मिले तो उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। कुछ दिन बाद बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि जब तक धर्मेंद्र नामकरण नहीं करेंगे, वे बेटे का मुंह नहीं देखेंगे। धर्मेंद्र ने अपने मैनेजर को बुलाकर नंबर दिया और जानकारी ली कि किस धर्म और कौन-से अक्षर पर नाम रखना है। इसके बाद 27 फरवरी 2012 को धर्मेंद्र के पोते करण का फोन आया और उन्होंने कहा कि “दादाजी बात करेंगे।”

धर्मेंद्र ने परिवार का हाल पूछा और बताया कि उन्होंने बेटे का नाम हीमेंद्र रखा है। पेंटर धर्मेंद्र का कहना है कि दुनिया मुझे हीमैन के नाम से जानती है और धर्मेंद्र मेरा अपना नाम है, दोनों को जोड़कर हीमेंद्र रखा गया।

साल 2015 में विनोद पेंटर ने एक्टर धर्मेंद्र से मुंबई में मुलाकात की थी। तब विनोद के साथ उनके दोस्त भी गए थे।

साल 2015 में विनोद पेंटर ने एक्टर धर्मेंद्र से मुंबई में मुलाकात की थी। तब विनोद के साथ उनके दोस्त भी गए थे।

2015 में दूसरी बार मुलाकात, एल्बम गिफ्ट की 2015 में पेंटर धर्मेंद्र दोबारा मुंबई गए। इस बार उन्होंने धर्मेंद्र की फिल्मों के पोस्टरों से बनी एक एल्बम भेंट की। दूसरी कॉपी पर धर्मेंद्र से ऑटोग्राफ भी लिए, जिसे वे आज भी संजोकर रखते हैं। उन्होंने सभी फिल्मों के नाम एक कविता के रूप में क्रमवार लिखे हुए हैं। इन्हें देखकर धर्मेंद्र भी उनके मुरीद हो गए थे।

पेंटर धर्मेंद्र कहते हैं कि उनके भगवान भले ही दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनके दिलों में वह आज भी जिंदा हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि उनके परिवार का सदस्य उनसे बिछड़ गया है। धर्मेंद्र के निधन की खबर पर उनके परिवार ने भोजन भी नहीं बनाया। दुकान में चारों तरफ लगे पोस्टर और धर्मेंद्र के साथ खींचे फोटो देखकर उनका काम करने का भी मन नहीं कर रहा।

दिसंबर में तीसरी बार जाने वाले थे मिलने पेंटर का कहना है कि 2024 में अपने जन्मदिन पर उन्होंने धर्मेंद्र की लंबी उम्र के लिए हवन किया था। इस बार, 8 दिसंबर को धर्मेंद्र के जन्मदिन पर वे तीसरी बार हीमेंद्र को लेकर मुंबई जाना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही धर्मेंद्र दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी दुकान पर रोजाना काम करवाने वाले लोग आते हैं और धर्मेंद्र की फिल्मों के पोस्टर देखकर प्रभावित हो जाते हैं। हर उम्र का व्यक्ति उन्हें धर्मेंद्र का फैन बताता है और उनसे धर्मेंद्र के जीवन, मुलाकातों और किस्सों को सुनना चाहता है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *