यमुनानगर के बीमारी के चलते एक 14 साल की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों इस मामले में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची गंभीर बीमार थी, लेकिन डॉक्टर उन्हें गुमराह करके उसका इलाज करता रहा, तबीयत बिगड़ने पर जब वह उसे पीजीआ
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परिजनों का यह भी आरोप है कि जब बच्ची के मौत बारे वह डॉक्टर से बात करने पहुंचे तो उसने उनके साथ बदतमीजी की और जान से मारने की धमकी भी दी। परिजनों ने मामले में एसपी को शिकायत सौंप कार्रवाई की मांग की है।

डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपने जाते हुए बच्ची के परिजन।
बुखार होने पर लेकर गए थे क्लिनिक
बैंक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी अनुष्का को 19 नवंबर को बुखार हुआ था। वह उसे दवा दिलाने के लिए शाम को करीब छह बजे नजदीकी बच्चों के एक क्लिनिक के पास लेकर गया। जहां डॉक्टर बिना किसी खास जांच के उसे भर्ती कर लिया और सिर्फ ग्लूकोज की बोतल व इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया।
यह सिलसिला 3-4 दिन तक चला। हर बार पूछने पर डॉक्टर कहता था कि बच्ची की तबीयत में सुधार हो रहा है और क्लिनिक पर आते रहें। 22 नवंबर की सुबह अनुष्का की हालत अचानक बहुत बिगड़ गई और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं।

मामले की जानकारी देते हुए मृतका के पिता राजेश कुमार।
पीजीआई ले जाते हुए रास्ते में तोड़ा दम
परेशान होकर वह उसे तुरंत मदन मेमोरियल चिल्ड्रन हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। रास्ते में हालत ज्यादा बिगड़ने पर बच्ची को मुलाना (अंबाला) के एक निजी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका के पिता का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपी डॉक्टर से अपनी बेटी की मौत का कारण पूछा तो डॉक्टर ने बदतमीजी की, गालियां दीं और ऊंची आवाज में धमकाते हुए कहा, अगर मेरे खिलाफ कुछ किया तो जान से मारवा दूंगा। मेरी ऊपर तक पहुंच है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
राजेश कुमार ने बताया कि दूसरे डॉक्टर द्वारा किए गए टेस्ट में सामने आया कि उसकी बेटी को पीलिया और डेंगू हुआ था, लेकिन आरोपी डॉक्टर उन्हें मामूली बुखार बताकर बच्ची का इलाज करता रहा। यदि समय रहते बच्ची को सही उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। एसपी कमलदीप गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।