नई दिल्ली5 मिनट पहले
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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने आखिरी बार 06 दिसंबर 2021 में भारत की यात्रा की थी। तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में डिनर का आयोजन करेंगी।
पुतिन 23वें भारत-रूस समिट में भाग लेंगे। जहां, वो मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। दोनों देश व्यापार असंतुलन को दूर करने और मुक्त व्यापार समझौते पर काम करने की योजना बना रहे हैं।
यात्रा के दौरान संयुक्त बयान जारी किया जाएगा और कई समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। पुतिन के ऑफिस के अनुसार, यह यात्रा भारत-रूस के विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
इस मुलाकात के दौरान रूसी तेल खरीद पर भी बातचीत संभव है। दरअसल, रूसी तेल खरीद की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत के निर्यात पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगा रखा है, जिससे भारत 50% टैरिफ झेल रहा है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है।
पुतिन ने 3 महीने पहले भारत आने की बात कही थी
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अगस्त की शुरुआत में मॉस्को यात्रा के दौरान क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। यह मुलाकात सुरक्षा, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए हुई थी।
इस दौरान भारतीय NSA ने कहा था कि हमारा रिश्ता बहुत खास और पुराना है। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हमें राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की खबर से बहुत खुशी है। तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं।

आखिरी बार 2021 में भारत आए थे
पुतिन ने आखिरी बार 06 दिसंबर 2021 में भारत की यात्रा की थी। तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच 28 समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें मिलिट्री और तकनीकी समझौते थे।
दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए) सालाना ट्रेड का टारगेट रखा था। इस विजिट से दोनों देशों के बीच 2030 के लिए नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
भारत और रूस अपने बाइलेट्रल ट्रेड को दोगुना करके सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा करने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है।