Dr. Yogesh Gupta honored for UBE Technical Lecture | डॉ. योगेश गुप्ता यूबीई तकनीक व्याख्यान के लिए सम्मानित: रायपुर में बायपोर्टल स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप में दिया प्रेजेंटेशन – Jaipur News

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जयपुर के प्रियुष न्यूरो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ. योगेश गुप्ता को रायपुर में आयोजित एक वर्कशॉप में यूबीई (यूनिलैटरल बायपोर्टल एंडोस्कोपी) तकनीक पर उनके व्याख्यान के लिए सम्मानित किया गया।

जयपुर के प्रियुष न्यूरो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ. योगेश गुप्ता को रायपुर में आयोजित एक वर्कशॉप में यूबीई (यूनिलैटरल बायपोर्टल एंडोस्कोपी) तकनीक पर उनके व्याख्यान के लिए सम्मानित किया गया। यह वर्कशॉप बायपोर्टल स्पाइन एंडोस्कोपी सर्जिकल विषय

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रेडिकल एकेडमी ऑफ स्पाइन एंडोस्कोपी द्वारा आयोजित ‘बीएससीकॉन-3’ नामक इस कार्यशाला में देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। डॉ. योगेश गुप्ता ने अपने व्याख्यान में यूबीई तकनीक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध मॉडर्न तकनीकों में यह सर्वश्रेष्ठ है।

रेडिकल एकेडमी ऑफ स्पाइन एंडोस्कोपी द्वारा आयोजित 'बीएससीकॉन-3' नामक इस कार्यशाला में देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।

रेडिकल एकेडमी ऑफ स्पाइन एंडोस्कोपी द्वारा आयोजित ‘बीएससीकॉन-3’ नामक इस कार्यशाला में देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।

उन्होंने बताया कि यूबीई एक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी है, जो लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के समान है। इसमें दो छोटे छेदों (एक 5 एमएम और दूसरा 8 एमएम) के माध्यम से पूरे स्पाइन की सर्जरी आसानी से की जाती है। यह पारंपरिक तकनीकों की तुलना में बेहद सुरक्षित और सटीक है।

डॉ. गुप्ता ने आगे बताया कि इस तकनीक में मांसपेशियों को कोई चोट नहीं पहुंचती और न ही हड्डी काटने की आवश्यकता होती है। यह चौथी पीढ़ी की एंडोस्कोपिक सर्जरी है, जिसमें मरीज को उसी दिन या अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। वर्तमान में, यह तकनीक उत्तर भारत के बहुत कम केंद्रों पर उपलब्ध है।

कार्यशाला के दौरान डॉ. गुप्ता ने इस तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिया।

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