UKSSSC Paper Leak: CBI Grills Bobby Panwar for 9 Hours, Demands CBI Probe into All Recruitment Scams | UKSSSC पेपर लीक मामले में बॉबी पंवार से पूछताछ: सुमन चौहान से संपर्कों पर किए सवाल, सभी भर्ती घोटालों की CBI जांच की मांग – Dehradun News

Actionpunjab
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पूछताछ के बाद सीबीआई आफिस के बाहर बॉबी पंवार।

UKSSSC पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 9 घंटे तक पूर्व बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार से पूछताछ की। इस दौरान पंवार से सुमन चौहान से उनके संपर्कों और अन्य जानकारियों के बारे में पूछताछ की गई।

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बॉबी पवार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। पूछताछ के बाद सीबीआई दफ्तर से बाहर निकले बॉबी पवार ने एक बयान जारी करते हुए पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई को सहयोग करने की बात कही। साथ ही बॉबी पवार ने राज्य सरकार से सभी भर्ती घोटाले को सीबीआई की जांच के दायरे में लाने की भी मांग की।

27 अक्टूबर को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। इस मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार किया था। सुमन ने बॉबी पंवार को ही पेपर दिया था। जिसके बाद पंवार ने इस परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाया था।

21 सिंतबर को पेपर लीक हुआ, जिसके बाद प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए और 29 सिंतबर को सीएम ने CBI का भरोसा दिया था।

21 सिंतबर को पेपर लीक हुआ, जिसके बाद प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए और 29 सिंतबर को सीएम ने CBI का भरोसा दिया था।

नौ घंटे की पूछताछ के बाद जारी किया बयान

सीबीआई की पूछताछ के बाद करीब 9 घंटे बाद बॉबी पवार ने देहरादून के इंदिरा नगर स्थित सीबीआई दफ्तर से बाहर आकर एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में वह पूरा सहयोग कर रहे हैं।

बॉबी पवार ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर रही है, लेकिन सीबीआई को परीक्षा से एक दिन पहले हाकम सिंह और उसके दो दोस्तों की गिरफ्तारी वाले एंगल पर भी जांच करने की जरूरत है। वहीं अपने इस बयान में उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को एक प्रस्ताव लाना चाहिए कि जिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे साक्ष्य हों, उनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

सभी भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच की मांग

सीबीआई दफ्तर से बाहर निकलते ही बॉबी पवार ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सुबह करीब 11:30 बजे वह सीबीआई दफ्तर पहुंचे और 9 घंटे की पूछताछ के बाद वह बाहर आए हैं। उन्होंने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग दिया है।

साथ ही बॉबी पवार ने कहा कि एक भर्ती के साथ-साथ सरकार को प्रदेश में सभी भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जिससे युवाओं के साथ धोखा करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

पेपर लीक के बाद युवाओं की आवाज उठाते बॉबी पंवार, त्रिभुवन सिंह और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के सदस्य राम कंडवाल।

पेपर लीक के बाद युवाओं की आवाज उठाते बॉबी पंवार, त्रिभुवन सिंह और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के सदस्य राम कंडवाल।

6 पॉइंट में समझिए पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ…

1. 21 सितंबर को UKSSSC ने ग्रेजुएट लेवल की परीक्षा कराई: UKSSSC ने 21 सितंबर को ग्रेजुएट लेवल की भर्ती के लिए 11 बजे एग्जाम शुरू​​​​ किया। एग्जाम 1 बजे तक होना था। लेकिन 11:30 बजे ही पेपर लीक हो गया, जिसके तीन पन्ने वॉट्सऐप से बाहर आ गए थे।

आरोपी खालिद मलिक नाम के व्यक्ति ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को अपने पेपर भेजे दिए थे, जिसमें खालिद की बहन साबिया भी शामिल थी। फिलहाल खालिद और उसकी बहन साबिया न्यायिक हिरासत में हैं।

2. प्रदेश भर में शुरू हुआ आन्दोलन- इसके बाद प्रदेश भर में आंदोलन शुरू हो गया। काफी लंबे समय तक बेरोजगार संगठन के लोग देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर धरने पर बैठे रहे। फिर सीएम पुष्कर सिंह धामी लगभग 8 दिन के बाद छात्रों से मिलने उनके धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने सीबीआई जांच की बात कही।

इसके बाद सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को लिख दिया था। छात्रों ने दूसरी मांग अपनी की थी कि इस परीक्षा को रद्द किया जाए और उसका रोस्टर दोबारा से जारी किया जाए।

29 सिंतबर को हालात को देखते हुए सीएम ने युवाओं के बीच पहुंचकर CBI जांच का भरोसा दिया था।

29 सिंतबर को हालात को देखते हुए सीएम ने युवाओं के बीच पहुंचकर CBI जांच का भरोसा दिया था।

3. एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया- छात्रों के बढ़ने प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यूसी ध्यानी को सौंपी गई।

इस आयोग को परीक्षा में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक की प्रक्रिया, शामिल अधिकारियों और बाहरी नेटवर्क की भूमिका की जांच का अधिकार दिया गया था। आयोग ने प्रदेश के कई जिलों में जाकर छात्रों, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जनसंवाद किया और उन्हीं बयानों के आधार पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।

4- सरकार ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट, पेपर रद्द- छात्रों की मांग थी कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और परीक्षा को रद्द किया जाए। एकल सदस्यीय जांच आयोग की कई बैठकों में भी छात्रों ने इन मांगों को उठाया था।

वहीं, जब आयोग ने रिपोर्ट सीएम धामी को सौंपी तो इसके कुछ ही घंटों बाद सरकार ने ये रिपोर्ट यूकेएसएसएसी को सौंपी। और फिर इस रिपोर्ट के आधार पर ही यूकेएसएसएसी ने परीक्षा को रद्द कर दिया था।

5- CBI की एंट्री, FIR में 4 नाम: सीबीआई ने 28 अक्टूबर 2025 को जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हैंडओवर लिया। सीबीआई ने सबसे पहले देहरादून की एंटी करप्शन शाखा में एफआईआर दर्ज की। जिसमें चार आरोपी खालिद, सुमन, सबिया, और हीना के नाम दर्ज किया गया।

इसके बाद से लगातार सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है , सीबीआई ने हरिद्वार के उस सेंटर की भी जांच की थी जहां से प्रश्न पत्र आउट हुआ था।

6- सहायक प्रोफेसर सुमन गिरफ्तार- मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को शहीद हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल), टिहरी गढ़वाल की एक सहायक प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से ही गिरफ्तार दो लोगों से की गई पूछताछ के बाद पकड़ी गई।

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