आगरा में मंगलवार सुबह संजय प्लेस और शास्त्रीपुरम की हवा सबसे खराब स्थिति में रही।
आगरा की हवा एक बार फिर से खराब स्थिति में पहुंच गई है। इसमें संजय प्लेस और शास्त्रीपुरम में स्थिति ज्यादा खराब है। दोनों क्षेत्रों का AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 200 पार कर गया है। इससे इन क्षेत्रों की हवा ‘पुअर’ श्रेणी में पहुंच गई है। इससे इन क्षेत्
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मंगलवार सुबह ये रही स्थिति केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की मंगलवार सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, आगरा का AQI 180 पर पहुंच गया। जबकि सोमवार को शहर AQI 152 था। मंगलवार सुबह सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र संजय प्लेस और शास्त्रीपुरम रहs। संजय प्लेस का AQI 212 और शास्त्रीपुरम का AQI 202 हो गया। इससे पहले सोमवार को ये दोनों क्षेत्र मॉडरेट श्रेणी में थे।
यानि इन क्षेत्रों का AQI 200 से कम था। आवास विकास क्षेत्र की हवा की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं है। इस क्षेत्र का AQI 181 रहा। सबसे स्वच्छ हवा वाले क्षेत्र मनोहरपुर में भी मंगलवार सुबह हवा ठीक नहीं रही। यहां का AQI 169 हो गया। देखें किस क्षेत्र में कितना रहा AQI
| जगह | AQI |
| संजय प्लेस | 212 |
| शास्त्रीपुरम | 206 |
| आवास विकास | 181 |
| मनोहरपुर | 169 |
| शाहजहां गार्डन | 164 |
| रोहता | 149 |
संजय प्लेस और शास्त्रीपुरम की हवा तो ‘पुअर’ श्रेणी में है ही, बाकी क्षेत्रों की हवा भी मॉडरेट श्रेणी में है। आवास विकास क्षेत्र का AQI भी 180 के पार है।

प्रतिबंध के बावजूद शहर में हर रोज किसी न किसी क्षेत्र में कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है।
‘पुअर’ श्रेणी में ये हो सकती है दिक्कत पर्यावरण विशेष डा. रंजीत कुमार के अनुसार, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘पुअर’ (खराब) श्रेणी में पहुंचता है, तो स्वास्थ्य और अन्य समस्याओं का खतरा होता है। जैसे सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और हृदय या फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों के लिए ज्यादा परेशानी हो सकती है। यह अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और हृदय रोगों को बढ़ा सकता है।

प्रदूषण की रोकथाम के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव तो कराया जा रहा है लेकिन ये नाकाफी है।
‘मॉडरेट’ श्रेणी में ये हो सकती है दिक्कत जब AQI मॉडरेट श्रेणी में होता है, तो ज्यादातर लोगों को कोई बड़ी समस्या नहीं होती है, लेकिन संवेदनशील व्यक्तियों को हल्की परेशानी हो सकती है। जैसे सांस लेने में हल्की तकलीफ, गले में खराश, या खांसी। इनमें बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से सांस संबंधी बीमारियां (जैसे अस्थमा) वाले लोग शामिल हैं। इस स्थिति में, संवेदनशील लोगों को सुबह और शाम के समय ज़्यादा देर तक बाहर रहने से बचना चाहिए।