बहादुरगढ़ में प्रदर्शन करते किसान संगठन के सदस्य।
बहादुरगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, किसान मजदूर उत्थान मोर्चा, किसान सभा और पर्यावरण बचाओ समिति के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बीज बिल 2025 तथा बिजली संशोधन बिल 2025 को वापस लेने की मांग को लेकर जिले के
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बहादुरगढ़ के रोहतक रोड पर बिलों की प्रतियां जलाते किसान संगठनों के सदस्य।
किसानों को होगा नुकसान वक्ताओं ने कहा कि देश के हर नागरिक को कम से कम संभव कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही आजादी के बाद बिजली को एक जन-कल्याणकारी सेवा माना गया था। लेकिन 1990 के दशक में भूमंडलीकरण की आर्थिक नीतियां लागू होने के बाद बिजली को खरीद-फरोख्त की वस्तु में तब्दील कर दिया गया ताकि निजी व्यापारिक कंपनियां (कॉर्पोरेट घराने) मनमाना मुनाफा लूट सकें। उन्होंने कहा कि अब 2025 के बिजली बिल में बिजली को प्राइवेट कंपनियों को देने के फैसले से पहले ही महंगाई की मार झेल रही जनता को गहरे संकट में धकेल दिया जाएगा, क्योंकि इसके साथ ही क्रॉस सब्सिडियों को धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का वहीं हाल होगा, जो रसोई गैस के मामले में हुआ है। किसानों तथा उपभोक्ताओं को पहले पूरा बिल भुगतान करना होगा, उसके बाद प्रतिपूर्ति के लिए इंतजार करना होगा, जिससे बिजली जैसी एक जन-उपयोगी सेवा को अधिक से अधिक मुनाफा लूटने की वस्तु में तब्दील कर दिया जाएगा। बिजली के प्राइवेट हाथों में जाने से बिजली के दाम दूसरी आवश्यक वस्तुओं की तरह प्रतिदिन बढ़ाए जाएंगे। बिजली के निजीकरण से यह शिक्षा और इलाज की तरह गरीब लोगों की पहुँच से बाहर हो जाएगी।

बहादुरगढ़ में प्रदर्शन करते किसान संगठनों के सदस्य।
ये रहे मौजूद इस अवसर पर सुमित छिकारा, धनराज तहलान, सतबीर सिंह दहिया, रामकिशन, जयकरण मांडौठी, लालजी, सतीश कुमार, बबीता, राम अवतार, रघबीर, संदीप हुड्डा, राजबीर, रिंकू जून, धनराज सिंह तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।