नई दिल्ली15 मिनट पहले
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देश के 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया चल रही है। फाइल फोटो।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रोसेस में शामिल बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की सुरक्षा के लिए सेंट्रल फोर्स तैनात करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि नेता पब्लिसिटी के लिए कोर्ट आ रहे हैं। चुनाव आयोग हालात से निपटे वरना अराजकता फैल जाएगी।
जस्टिस बागची ने कहा कि BLOs को धमकी देने के मामले में सिर्फ एक FIR दर्ज की गई है, जबकि बताई गई दूसरी घटनाएं पुरानी हैं।
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने पोल पैनल से कहा कि वह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के काम में अलग-अलग राज्य सरकारों की तरफ से सहयोग की कमी को गंभीरता से ले।
बेंच ने कहा BLOs के काम में रुकावट और को-ऑपरेशन की कमी के मामले हमारे ध्यान में लाएं, हम सही ऑर्डर देंगे।
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की 2 दलीलें…
- राज्यों में SIR के काम में रुकावट डालने के दौरान अगर हालात बिगड़ते हैं, तो पुलिस को डेप्युटेशन पर लेने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा।
- हमारे पास BLO और SIR के काम में लगे दूसरे अधिकारियों को धमकाने से निपटने के लिए सभी संवैधानिक अधिकार हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 2 निर्देश…
- चुनाव आयोग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के काम में अलग-अलग राज्य सरकारों से सहयोग की कमी को गंभीरता से ले। हालात से निपटें वरना अराजकता फैल जाएगी।
- BLO के काम में रुकावट हो रही है, लोगों से और राज्यों से सहयोग की कमी है। या फिर उन्हें धमकाने के मामले हैं तो इसे हमारे ध्यान में लाएं। हम आदेश देंगे।