Machado could not accept the Nobel Prize due to fear of the government | सरकार के डर से नोबेल प्राइज नहीं ले पाईं मचाडो: गिरफ्तारी का खतरा, छुपकर रह रहीं, नोबेल कमेटी बोलीं- रास्ते में हैं, रात तक पहुंचेंगी

Actionpunjab
4 Min Read


ओस्लो1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो नोबेल शांति पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हो सकीं। मारिया की जगह उनकी बेटी एना कोरिना सोसा ने नॉर्वे के ओस्लो में यह पुरस्कार ग्रहण किया। एना ने समारोह में अपनी मां का लिखा हुआ भाषण भी पढ़ा।

मचाडो ने अपने लिखित संदेश में कहा कि लोकतंत्र और आजादी को बचाने के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार वेनेजुएला ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।

मचाडो पर यात्रा प्रतिबंध लगा है। वह एक साल से भी ज्यादा समय से छिपकर रह रही हैं, इसलिए वे समय पर ओस्लो नहीं पहुंच सकीं। हालांकि नोबेल कमेटी के मुताबिक मचाडो रास्ते में हैं और रात तक ओस्लो पहुंच सकती हैं।

मचाडो को 10 अक्टूबर को वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करने के प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया था। पुरुस्कार लेने के लिए मचाडो की मां और उनकी तीन बेटियां ओस्लो पहुंची। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई समेत कई लैटिन अमेरिकी नेता भी समारोह में मौजूद रहे।

नोबेल कमेटी ने मारिया को बेटी को उनका पीस प्राइज देकर सम्मानित किया।

नोबेल कमेटी ने मारिया को बेटी को उनका पीस प्राइज देकर सम्मानित किया।

मचाडो बोलीं- वेनेजुएला में तानाशाही बढ़ी

अपने लिखित भाषण में मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला धीरे-धीरे तानाशाही की ओर चला गया और लोग इसे समय रहते समझ नहीं पाए। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज और मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया।

2024 में मचाडो को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था, जबकि उन्होंने विपक्षी प्राइमरी में बड़ी जीत हासिल की थी। इसके बाद सरकार की कार्रवाई बढ़ने पर वे अगस्त 2024 से छिपकर रहने लगीं।

मचाडो को कई पुरस्कार मिल चुके

  • 2025 में लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने के लिए नोबेल पीस प्राइज मिला।
  • 2024 सखारोव पुरस्कार: यूरोपीय संसद ने उन्हें और एडमुंडो गोंजालेज को लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह पुरस्कार दिया।
  • 2024 वाच्लाव हावेल मानवाधिकार पुरस्कार: काउंसिल ऑफ यूरोप ने मानवाधिकारों के लिए उनकी मेहनत को सम्मानित किया।
  • 2025 करेज अवॉर्ड: जेनेवा समिट फॉर ह्यूमन राइट्स ने उन्हें और गोंजालेज को यह पुरस्कार दिया।
  • 2018 बीबीसी सम्मान: बीबीसी ने उन्हें दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया।

2024 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं

मचाडो 2024 के चुनाव से पहले विपक्ष की राष्ट्रपति उम्मीदवार थीं, लेकिन वेनेजुएला सरकार ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी। इसके बाद उन्होंने दूसरे पार्टी के प्रतिनिधि एडमंडो गोंजालेज उर्रुतिया का समर्थन किया। इसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिला।

वेनेजुएला में मचाडो के समर्थक पार्टी को साफ जीत मिली लेकिन शासन ने चुनाव परिणाम स्वीकार नहीं किया और सत्ता पर कब्जा बनाए रखा।

मचाडो दुनिया में पहली बार तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति का भाषण बंद करा दिया था। यह घटना 14 जनवरी 2012 की है। शावेज संसद में 9 घंटे 45 मिनट का भाषण दे चुके थे। तभी मचाहो ने चिल्लाते हुए उन्हें ‘चोर’ कहा और लोगों की जब्त की गई संपत्ति को लौटाने को कहा।

इसके जवाब में शावेज ने कहा कि वो बहस नहीं करेंगे क्योंकि वह इसके काबिल नहीं। यह घटना देशभर में चर्चा का विषय बन गई और माचाडो को एक साहसी विपक्षी नेता के रूप में स्थापित किया।

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *