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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Due To Ego, A Person Gets Entangled In Praise And Respect And Gets Away From The Goal.
हरिद्वार11 घंटे पहले
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अहंकार व्यक्ति को सीमित कर देता है। वह अपने पद, प्रतिष्ठा, शारीरिक सौंदर्य, शक्ति या किसी विशेष गुण को ही अपनी पहचान मानने लगता है। ऐसी विशेषताएं व्यक्ति को दूसरों से अलग तो बनाती हैं, लेकिन उसे सत्य से दूर कर देती हैं। अहंकार की वजह से व्यक्ति लक्ष्य से भटक जाता है, वह बाहरी प्रशंसा और मान-सम्मान में उलझकर सफलता से दूर हो जाता है। इसलिए इस बुराई को जल्दी से जल्दी छोड़ देना चाहिए।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए अहंकार किस वजह से पैदा होता है?
आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
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