चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया में एक बार फिर श्रद्धालु से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि श्रद्धालु को प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी (टाइगर फोर्स) के गार्ड ने इतनी बुरी तरीके से पीटा की नाक और पैर से खून बहने लगा।
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मामला रविवार रात का है। बताया जा रहा है कि एमपी के नीमच जिले के कुकड़ेश्वर निवासी प्रियांशु मालवीय मंदिर कॉरिडोर फोटो-वीडियो ले रहे थे। इसी दौरान सिक्योरिटी गार्ड से बहस हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई।
ये पहली बार नहीं है, जब टाइगर फोर्स कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड ने श्रद्धालु के साथ मारपीट की है। इससे पहले 25 जून (अमावस्या के दिन) को भी इस कंपनी के गार्डों ने श्रद्धालुओं पर लाठियां चलाई थीं।

फोटो मंदिर के अंदर बने कॉरिडोर की तरफ का है। मारपीट के बाद वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई थी।
फोटो लेने पर भड़के गार्ड गाली गलौज धमकी शुरू की
प्रियांशु मालवीय ने बताया कि वे कॉरिडोर में लगी जाली से हाथ बाहर निकाल मंदिर परिसर की फोटो लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान टाइगर फोर्स सिक्योरिटी कंपनी का एक गार्ड अचानक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा।
इस पर जब शांति से बात करने की कोशिश की तो गार्ड ने धमकाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि फोटो लेना कोई अपराध नहीं था, फिर भी गार्ड ने बिना किसी कारण ऐसा व्यवहार किया।
बात उस समय बिगड़ गई जब प्रियांशु ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पर सिक्योरिटी गार्ड ने अपने दूसरे साथियों को भी बुला लिया।
आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड प्रियांशु को सीसीटीवी कैमरों से दूर लेकर दूसरी जगह पर ले गया और वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा कि नाक और पैर से खून बहने लगा। वह मना करता रहा लेकिन इसके बाद भी पिटाई की।

ये सांवलिया सेठ मंदिर है, जहां के कॉरिडोर में रविवार रात श्रद्धालु के साथ मारपीट हुई थी। यहां मंदिर में फोटो और वीडियो दोनों बैन है।
खून साफ कराया वीडियो डिलीट कर समझौते का दबाव बनाया
मंदिर के सिक्योरिटी गार्डों पर आरोप है कि मारपीट के दौरान जब घायल श्रद्धालु की नाक से खून फर्श पर फैल गया, तो सुरक्षा गार्डों ने उसी के रूमाल से खून साफ करवाया।
इसके बाद उसके मोबाइल फोन में मौजूद फोटो और वीडियो जबरन डिलीट कराए गए। घटना के बाद एम्बुलेंस बुलाकर उसे उपचार के लिए भेज दिया गया।
इस दौरान मंदिर कार्यालय के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश नहीं की। बाद में मंदिर कार्यालय में बैठाकर श्रद्धालु पर समझौते का दबाव भी बनाया गया।
पहले भी हो चुकी है घटनाएं
घटना की सूचना मिलने पर मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। श्रद्धालु का आरोप है कि उसने पुलिस को लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेने से मना कर दिया।
मंडफिया थानाधिकारी गोकुल डांगी ने बताया कि पुलिस जब जांच के लिए पहुंची तो सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। उसका नाम भी सामने नहीं आया हैं।
यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट के वीडियो भी सामने आ चुके हैं।
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मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं पर लाठियां चलाने के दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। एक वीडियो में निजी सुरक्षा गार्ड (टाइगर फोर्स) भक्तों पर लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में एक पुलिसकर्मी द्वारा श्रद्धालु पर लाठी चार्ज करने के बाद बुजुर्ग श्रद्धालु घायल अवस्था में सड़क पर लेटे नजर आ रहे हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
सांवलियाजी मंदिर आए श्रद्धालुओं को दुकानदारों ने लाठियों से पीटा:बैग नहीं मिलने पर हुआ विवाद; 1 महीने पहले खाटूश्यामजी में भी हुई थी मारपीट

चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और दुकानदारों में विवाद हो गया। दुकानदार लाठियां लेकर आए और श्रद्धालुओं से मारपीट कर दी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भी सड़क पर पड़े पत्थर उठाए और दुकानदारों की तरफ फेंके।
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