Haryana Gharaunda fourth time illegal colony demolished | Karnal News | घरौंडा में चौथी बार टूटी अवैध कॉलोनी: फिर भी नहीं थम रहे भूमाफिया, अधिकारी बोले-प्लॉट मत खरीदिए, तभी रुकेगा अवैध निर्माण – Gharaunda News

Actionpunjab
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घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

करनाल जिले के घरौंडा के डिंगर माजरा रोड पर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ डीटीपी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके बावजूद भूमाफिया के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे। सोमवार देर शाम 11 एकड़ में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर चौथी बार जेसीब

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तीन बार की कार्रवाई के बाद भी हालात यह हैं कि अवैध कॉलोनाइजर फिर से कॉलोनी को उसी स्वरूप में विकसित करने में जुट जाते हैं। मामले दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने से विभाग की मजबूरी और भू-माफिया की ताकत साफ नजर आने लगी है।

इसी बेबसी के चलते अब अधिकारी खुले तौर पर जनता से अपील कर रहे हैं कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें, क्योंकि यही एकमात्र तरीका है जिससे इस धंधे पर रोक लग सकती है।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

रात के अंधेरे में कार्रवाई, शहर में रही चर्चा

सोमवार देर शाम जिला योजनाकार विभाग के एटीपी मोहित कुमार के नेतृत्व में डीटीपी विभाग का तोड़फोड़ दस्ता पुलिस बल के साथ घरौंडा के डिंगर माजरा रोड पर पहुंचा। रात के अंधेरे में अचानक शुरू हुई कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया।

जेसीबी की मदद से कॉलोनी में बनाई जा रही सड़कों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर देखा गया कि कॉलोनी में पक्की सड़कें बनाने के लिए पहले ही रोड़ा बिछाया जा चुका था और अगले चरण में पक्की सड़कें तैयार करने की तैयारी थी। कार्रवाई की खबर देर रात तक पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही।

11 एकड़ में फैली कॉलोनी, चौथी बार चली जेसीबी

एटीपी मोहित कुमार ने बताया कि जिस अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की गई है, वह करीब 11 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस कॉलोनी पर इससे पहले भी तीन बार तोड़फोड़ की जा चुकी है और यह चौथी बार है जब विभाग ने जेसीबी से सड़कों को तोड़ा है।

इसके बावजूद अवैध कॉलोनाइजर मानने को तैयार नहीं हैं। विभाग द्वारा कॉलोनी को तोड़ने के कुछ ही समय बाद फिर से उसी तरह से विकास कार्य शुरू कर दिए जाते हैं, जैसे पहले थे।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

मामले दर्ज, फिर भी बेअसर कार्रवाई

अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ मामले भी दर्ज कराए जा चुके हैं, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा। विभाग का कहना है कि वे एक्ट और रूल के तहत अपनी कार्रवाई कर रहे हैं। तोड़फोड़ के बाद एफआईआर दर्ज करवा दी जाती है, इसके बाद की कार्रवाई पुलिस विभाग के स्तर पर होती है।

हालांकि सवाल किया गया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाती, इस पर एटीपी मोहित कुमार का कहना है कि यह पुलिस विभाग बेहतर तरीके से बता सकता है। डीटीपी विभाग का काम अवैध निर्माण को तोड़ना और मामला दर्ज करवाना है, जो वे लगातार कर रहे हैं।

लोग प्लॉट खरीद रहे, इसलिए पनप रही कॉलोनियां

एटीपी मोहित कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध कॉलोनियों को रोकने का सबसे प्रभावी और एकमात्र तरीका यही है कि लोग ऐसे स्थानों पर प्लॉट खरीदना बंद कर दें। जब तक लोग अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदते रहेंगे, तब तक कॉलोनाइजर भी इन्हें विकसित करने की कोशिश करते रहेंगे।

उन्होंने अनुमान लगाया कि हो सकता है कई मामलों में फुल पेमेंट एग्रीमेंट के आधार पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं, क्योंकि रजिस्ट्री संभव नहीं होती। विभाग ने इस संबंध में तहसीलदार को पहले ही सूचना दे रखी है, ताकि अवैध कॉलोनियों में किसी भी तरह की रजिस्ट्री न हो सके

सोशल मीडिया से भी पहचान संभव, फिर भी लापरवाही

एटीपी ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी आसानी से यह जानकारी मिल जाती है कि कौन सी कॉलोनी अवैध है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदकर वहां निर्माण करता है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं उस व्यक्ति की होगी। विभाग बार-बार लोगों को आगाह कर रहा है, लेकिन लालच या सस्ते प्लॉट के चक्कर में लोग जोखिम उठा रहे हैं।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

घरौंडा में अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर।

क्या कानून कमजोर है या सिस्टम लाचार

जब सवाल उठाया गया कि सख्त कार्रवाई के बावजूद भी अवैध कॉलोनियां क्यों नहीं रुक रही हैं और क्या कानून लचीले हैं, तो एटीपी मोहित कुमार ने कहा कि कानून अपने आप में सख्त हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है, जिसे उच्च स्तर पर देखने की जरूरत है। विभाग को जो अधिकार और जिम्मेदारी दी गई है, वह उसी के तहत काम कर रहा है। कानून को लागू करने में अन्य विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

भू-माफिया प्रशासन पर हावी होने के संकेत

जिस तरह से बार-बार की कार्रवाई के बावजूद अवैध कॉलोनियां दोबारा खड़ी हो जाती हैं और अधिकारी खुद को मजबूर बताते नजर आ रहे हैं, उससे यह संदेश भी जा रहा है कि कहीं न कहीं भू-माफिया प्रशासन पर हावी हैं। विभागीय अधिकारी खुले मंच से जनता की अदालत में गुहार लगाते दिख रहे हैं, जो अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।

जनता से अपील, वरना नहीं रुकेगा अवैध निर्माण

डीटीपी विभाग ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। यदि लोग जागरूकता दिखाएंगे और ऐसे प्लॉटों से दूरी बनाएंगे, तभी अवैध कॉलोनियों का यह सिलसिला टूट सकेगा। अन्यथा विभाग बार-बार तोड़फोड़ करता रहेगा और भूमाफिया उसी तेजी से दोबारा निर्माण करते रहेंगे।

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