हरिद्वार13 घंटे पहले
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हमारी वजह से प्रकृति और पर्यावरण अशुद्ध हो गया है। बढ़ता प्रदूषण इसका प्रमुख उदाहरण है। इसका कारण हमारी वह जीवन शैली है जो अप्राकृतिक और निसर्ग से दूर होती जा रही है। हम सुविधाओं के लिए प्रकृति को निरंतर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे प्रकृति में सभी जरूरी चीजों का संतुलन बिगड़ रहा है। यदि हमें सच्चा सुख, मानसिक शांति, ऐश्वर्य और समृद्धि चाहिए, तो पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनना होगा। पर्यावरण प्रेमी जीवन शैली अपनाकर ही जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति हो सकती है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में उन्नति कैसे मिल सकती है?
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