चित्तौड़गढ़ जिले में मंगलवार सुबह कड़ाके की ठंड और कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह के समय धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता कम नजर आई। लेकिन कोहरा 7:30 बजे ही छट गया था। आसमान में सुबह 10 बजे तक भी बादल छाए हुए रहे।
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ठंड और कोहरे के चलते कई प्रमुख ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चलीं और पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी 34 मिनट देरी से रवाना
उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, जो रोजाना सुबह 8:10 बजे रवाना होती है, वह मंगलवार को अपने निर्धारित समय से करीब 34 मिनट देरी से सुबह 8:44 बजे चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इस ट्रेन से बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और स्टूडेंट्स सफर करते हैं। ट्रेन के लेट होने से कई लोग बार-बार घड़ी देखते रहे और प्लेटफॉर्म पर पूछताछ काउंटर के पास जानकारी लेते दिखाई दिए।
मेवाड़ एक्सप्रेस की देरी से बिगड़ी यात्रियों की योजना
मेवाड़ एक्सप्रेस, जो सुबह 4:55 बजे रवाना होनी थी, वह करीब एक घंटे पांच मिनट की देरी से सुबह 6 बजे स्टेशन से चली। यह ट्रेन मेवाड़ क्षेत्र की प्रमुख ट्रेनों में से एक मानी जाती है। सुबह जल्दी यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना था कि वे समय बचाने के लिए इस ट्रेन को चुनते हैं, लेकिन देरी के कारण उनकी आगे की योजना प्रभावित हुई।
सुबह 5:25 बजे रवाना होने वाली चेतक एक्सप्रेस भी इस दिन तय समय पर नहीं चल सकी। ट्रेन करीब एक घंटे पांच मिनट की देरी से सुबह 6:30 बजे रवाना हुई।

सुबह कोहरा देखने को मिला।
भगत की कोठी-काचीगुड़ा ट्रेन देरी से पहुंची
ट्रेन संख्या 17606, भगत की कोठी-काचीगुड़ा एक्सप्रेस, जो सुबह 7:20 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचनी थी, वह करीब 33 मिनट की देरी से 7:53 बजे स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन से दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है। इसी तरह, ट्रेन संख्या 19816, कोटा-मंदसौर ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से करीब 8 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची। हालांकि यह देरी ज्यादा नहीं रही, इसलिए यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
ठंड में प्लेटफॉर्म पर बढ़ा इंतजार
ठंड और कोहरे के चलते प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग शॉल, जैकेट और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। कई यात्री चाय की दुकानों पर खड़े होकर समय बिताते दिखे। बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आईं। यह इंतजार और भी मुश्किल भरा रहा। यात्रियों का कहना था कि वे समय पर घर से निकले थे, लेकिन ट्रेनों की देरी ने उनकी दिनचर्या बिगाड़ दी।
उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी तय समय से 34 मिनट लेट
उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, जो रोजाना सुबह 8:10 बजे रवाना होती है, वह इस बार अपने तय समय से करीब 34 मिनट देरी से 8:44 बजे रवाना हुई। यह ट्रेन बड़ी संख्या में दफ्तर जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों की पहली पसंद मानी जाती है। ट्रेन के लेट होने से कई यात्रियों को अपने दफ्तर, मीटिंग और अन्य जरूरी कामों के लिए देर होने की चिंता सताती रही। प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री बार-बार उद्घोषणा सुनते रहे, लेकिन सही समय की जानकारी नहीं मिल पाई।

कोहरा उजाले होने के कुछ देर बाद ही छट गया।
मेवाड़ एक्सप्रेस की देरी से बढ़ी यात्रियों की चिंता
मेवाड़ एक्सप्रेस, जो सुबह 4:55 बजे रवाना होनी थी, वह करीब एक घंटे पांच मिनट की देरी से सुबह 6 बजे स्टेशन से रवाना हुई। यह ट्रेन उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और अजमेर जैसे शहरों को जोड़ने वाली अहम ट्रेन है। सुबह जल्दी निकलने वाले यात्रियों ने बताया कि वे खास तौर पर समय बचाने के लिए इस ट्रेन का चयन करते हैं, लेकिन देरी से उनकी पूरी योजना बिगड़ गई। कुछ यात्रियों को आगे की ट्रेनों के कनेक्शन छूटने का भी डर बना रहा।
चेतक एक्सप्रेस भी समय पर नहीं चली
सुबह 5:25 बजे रवाना होने वाली चेतक एक्सप्रेस भी इस दिन समय पर नहीं चल सकी। यह ट्रेन करीब एक घंटे पांच मिनट की देरी से सुबह 6:30 बजे रवाना हुई। चेतक एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में यात्री जयपुर और आसपास के इलाकों की यात्रा करते हैं। ट्रेन के लेट होने से प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ती चली गई। यात्री बार-बार रेलवे कर्मचारियों से जानकारी लेते रहे, लेकिन स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
भगत की कोठी-काचीगुड़ा ट्रेन लेट पहुंची
17606 भगत की कोठी-काचीगुड़ा एक्सप्रेस, जो सुबह 7:20 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचनी थी, वह करीब 33 मिनट की देरी से 7:53 बजे स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन से दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। ट्रेन के लेट पहुंचने से यात्रियों को स्टेशन पर ज्यादा देर इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें आगे बस और अन्य साधनों से सफर करना था, लेकिन देरी के कारण उनकी आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई।
कोटा-मंदसौर ट्रेन भी लेट, रोजाना यात्री प्रभावित
19816 कोटा-मंदसौर ट्रेन भी इस दिन अपने तय समय से करीब 8 मिनट की देरी से चित्तौड़गढ़ पहुंची। भले ही यह देरी ज्यादा नहीं रही, लेकिन रोजाना इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह भी परेशानी का कारण बनी। नौकरीपेशा यात्रियों का कहना था कि सुबह का हर मिनट उनके लिए कीमती होता है और ट्रेन की थोड़ी सी देरी भी ऑफिस पहुंचने के समय को प्रभावित कर देती है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल चित्तौड़गढ़ जिले में घने कोहरे को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि विभाग ने आगामी दिनों में मौसम में और ठंड बढ़ने की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में जिले के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर और ज्यादा महसूस होगा। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।