leh violence Sonam Wangchuk wife Gitanjali J Angmo supreme court | वांगचुक की पत्नी बोलीं- वे हिंसा नहीं फैला रहे थे: SC में कहा- तथ्य तोड़े-मरोड़े और अपराधी बता दिया; सोनम 3 महीने से जेल में हैं

Actionpunjab
5 Min Read


नई दिल्ली14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके पति का भाषण हिंसा फैलाने के लिए नहीं, बल्कि हिंसा को रोकने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और वांगचुक को अपराधी की तरह दिखाने की कोशिश की जा रही है।

गुरुवार को हुई सुनवाई में वांगचुक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने वांगचुक के भाषण का वीडियो चलाकर कहा कि यह भाषण अनशन तोड़ते समय दिया गया था, जिसमें वांगचुक ने साफ कहा था कि वे किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं करते और लोगों से हिंसा रोकने की अपील कर रहे थे।

सिब्बल ने कहा कि महात्मा गांधी ने भी चौरी-चौरा कांड के बाद इसी तरह हिंसा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। वांगचुक को उनकी हिरासत के पूरे आधार नहीं बताए गए और न ही उन्हें इसके खिलाफ सही तरीके से अपनी बात रखने का मौका दिया गया।

24 सितंबर को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। सोनम फिलहाल जोधपुर सेंट्रल जेल में हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।

सिब्बल बोले- हिरासत का कारण 28 दिन देरी से बताया

सिब्बल ने यह भी कहा कि हिरासत के आधार वांगचुक को करीब 28 दिन की देरी से दिए गए, जो संविधान के अनुच्छेद 22 का स्पष्ट उल्लंघन है। अनुच्छेद 22 मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत से नागरिकों की सुरक्षा करता है। उन्होंने दलील दी कि अगर हिरासत के आधार और सबूत समय पर नहीं दिए जाएं, तो हिरासत का आदेश अपने-आप गलत हो जाता है।

इससे पहले लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा था कि सोनम वांगचुक ने राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं के खिलाफ गतिविधियां कीं, इसलिए उन्हें NSA के तहत हिरासत में लिया गया। प्रशासन का कहना है कि उन्हें सभी जरूरी दस्तावेज दिए गए और हिरासत गैरकानूनी नहीं है।

गीतांजलि ने कहा- सोनम हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं

गीतांजलि अंगमो ने अपनी याचिका में कहा कि 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख की शांतिपूर्ण तपस्या और पिछले पांच सालों का संघर्ष विफल हो जाएगा। उनके मुताबिक, वह दिन वांगचुक के जीवन का सबसे दुखद दिन था।

ये तस्वीर 26 सितंबर की है जब सोनम को गिरफ्तार किया गया था।

ये तस्वीर 26 सितंबर की है जब सोनम को गिरफ्तार किया गया था।

सोनम की गिरफ्तारी के बाद पत्नी के 3 रिएक्शन…

  • 2 अक्टूबर: X पर लिखा- क्या भारत सचमुच आजाद है। 1857 में 24,000 अंग्रेजों ने महारानी के आदेश पर 30 करोड़ भारतीयों पर अत्याचार करने के लिए 1.35 लाख भारतीय सिपाहियों का इस्तेमाल किया था। आज, गृह मंत्रालय के आदेश पर, एक दर्जन प्रशासक 2400 लद्दाखी पुलिस का दुरुपयोग करके 3 लाख लद्दाखियों पर अत्याचार और अत्याचार कर रहे हैं।
  • 1 अक्टूबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेटर लिखा। राष्ट्रपति एक आदिवासी होने के चलते लद्दाख के लोगों की भावनाओं को समझें। यह लेटर PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजा। अंगमो ने सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई की मांग की।
  • 28 सितंबर: न्यूज एजेंसी PTI से कहा था- वांगचुक ने हमेशा गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया है। 24 सितंबर की हिंसा के लिए CRPF जिम्मेदार है। सोनम की पाकिस्तान की यात्राएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं। हम संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में गए थे। हिमालय के ग्लेशियर के पानी में हम भारत-पाकिस्तान नहीं देखते।

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *