शुभम | मेरठ2 मिनट पहले
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मेरठ में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के शहर में रहते हुए सरधना के कपसाड़ गांव में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कंपाउंडर ने दिनदहाड़े महिला पर हमला किया और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव निवासी पारस राजपूत नामक कंपाउंडर पर आरोप है कि उसने सुनीता नामक दलित महिला पर हमला किया। हमले के बाद वह महिला की बेटी को उठाकर ले गया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को एसडीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।



यह घटना ऐसे समय हुई जब प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह शहर में थे। वे सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करने वाले थे और इससे पहले उन्होंने शहर के रैन बसेरों का भी जायजा लिया। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा मंत्री की आवभगत में व्यस्त दिखे।
घटना की सूचना फैलते ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती ने योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मेरठ की घटना का हवाला देते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। सांसद चंद्रशेखर रावण ने भी दलित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की और अन्य संगठनों ने भी सरकार की घेराबंदी की।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पुलिस को मामले का जल्द खुलासा करने और युवती को सुरक्षित उसके परिवार को सौंपने का निर्देश दिया। मंत्री ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी आदेश दिए।