![]()
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
करौली में कांग्रेस ने केंद्र सरकार की मनरेगा नीतियों के विरोध में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक जिला स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
.
यह प्रेस वार्ता कलेक्ट्रेट सर्किल स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, करौली में आयोजित की गई। इसमें मनरेगा से जुड़े मुद्दों, केंद्र सरकार की नीतियों और आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
अभियान के तहत जिला मुख्यालय पर रविवार को धरना प्रदर्शन का आयोजन होगा। साथ ही, 18 से 29 जनवरी तक एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गांव और ग्राम पंचायत में मनरेगा में होने वाले नए बदलावों की जानकारी दी जाएगी।
प्रेस वार्ता को टोडाभीम विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम महर, जिला प्रभारी जी.आर. खटाना, करौली के पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा, पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह और पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मनरेगा को कमजोर करके गरीबों और मजदूरों की रोजगार गारंटी पर प्रहार किया है।
कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा के सभी पूर्व प्रावधानों को बहाल करने, योजना का नाम न बदलने और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 400 रुपए प्रतिदिन करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।