शहर काजी बोले- गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें:इंदौर के सदर बाजार ईदगाह में नमाजियों ने हाथ उठाकर किया समर्थन

Actionpunjab
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ईद के मौके पर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां सदर बाजार स्थित ईदगाह में नमाज से ठीक पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानने की वकालत की, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके साथ ही इंदौर में 50 साल से चली आ रही हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी परंपरा का भी निर्वहन किया गया। शहर काजी बोले- सभी मिलकर गाय का सम्मान करें शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय का एक विशेष और पूजनीय स्थान है। देश में उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी उठती रही है। अकसर गाय काटने का आरोप मुस्लिम समाज पर मढ़ दिया जाता है। इस गलतफहमी और दूरी को खत्म करने के लिए क्यों न हम सभी लोग मिलकर गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानने का समर्थन करें। शहर काजी की इस अपील पर ईदगाह में मौजूद सभी नमाजियों ने एक सुर में हाथ उठाकर अपनी सहमति और समर्थन जताया। इसके बाद शांतिपूर्वक ईद की नमाज अदा की गई। देखिए तस्वीरें… 50 साल पुरानी परंपरा: हिंदू परिवार बग्घी में लाया शहर काजी को इंदौर की ईद एक और खास वजह से पूरे देश में मिसाल है। यहां 50 से अधिक वर्षों से एक अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। ईद के दिन शहर काजी को उनके घर से नमाज स्थल (सदर बाजार ईदगाह) तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार निभाता है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस रिवाज को आगे बढ़ाया। जैसे ही शहर काजी अपने घर से बाहर आए। हिंदू परिवार ने फूलों का हार पहनाकर उनका स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद उन्हें खास तौर पर सजाई गई बग्घी/कार में ससम्मान ईदगाह लाया गया। बता दें कि पिछली ईद पर काजी साहब को विंटेज कार से लाया गया था। वहीं सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इंदौर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।

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