Punjab Toll Plazas Free for 5 Hours Today | Kaumi Insaf Morcha Protest | पंजाब में टोल प्लाजा आज 5 घंटे रहेंगे फ्री: कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई के लिए धरने देने का किया ऐलान – Ludhiana News

Actionpunjab
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पंजाब में आज पांच घंटे के लिए टोल प्लाजा फ्री रहेंगे। कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर धरना देने और सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक टोल फ्री करने का फैसला किया है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने अन्य सहयोगी सं

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कौमी इंसाफ मोर्चा का कहना है कि वो लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार सिख बंदियों को रिहा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में प्रदेशभर में टोल प्लाजा फ्री करने का फैसला किया है। इस संघर्ष के कई किसान संगठन सहयोग कर रहे हैं।

कौमी इंसाफ मोर्चा की अपील पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष दिलबाग सिंह ने लुधियाना में लाडोवाल टोल प्लाजा व समराला के नजदीक नीलो टोल प्लाजा को पांच घंटे के लिए फ्री करवाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चा के साथ उनके संगठन के लोग हर टोल प्लाजा पर उपस्थित रहेंगे।

कौमी मोर्चा के सदस्यों के साथ किसान संगठन प्रदर्शन करते हुए। फाइल फोटो

कौमी मोर्चा के सदस्यों के साथ किसान संगठन प्रदर्शन करते हुए। फाइल फोटो

कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा किया गया संघर्ष

कौमी इंसाफ मोर्चा सिख बंदियों की रिहाई, 2015 की बेअदबी घटनाओं और बहबल कलां फायरिंग के मामलों में इंसाफ की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करता रहा है। मोर्चा ने जनवरी 2023 से मोहाली में पक्का मोर्चा लगाया है। मोर्चा समर्थकों ने चंडीगढ़ की ओर कूच और प्रदर्शन किए। बरगाड़ी और आसपास के क्षेत्र में 2015 में बेअदबी को लेकर संघर्ष किया।

कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख मांगें

  • सिख बंदियों की रिहाई: जिन सिख कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इनमें वे कैदी शामिल हैं जो वर्षों से जेल में बंद हैं, लेकिन अब तक उन्हें कानूनी रूप से रिहाई नहीं मिली।
  • 2015 के बेअदबी मामलों में इंसाफ: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं (बरगाड़ी आदि) के दोषियों को सख्त सजा दी जाए और मामले को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जाए।
  • बहबल कलां फायरिंग के दोषियों पर कार्रवाई: 2015 में बहबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे संगत पर गोली चलाने के जिम्मेदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • झूठे केस वापस लेने की मांग: सिख युवाओं पर लगाए गए कथित झूठे या राजनीतिक रूप से प्रेरित केसों को वापस लिया जाए, खासकर UAPA, NSA और अन्य कड़े कानूनों के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की जाए।
  • जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल: मोर्चे की मांग है कि बेअदबी और फायरिंग मामलों की जांच में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करने की मांग: सिख पंथ से जुड़े संवेदनशील मामलों में राजनीतिक दखल बंद किया जाए और न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए।
  • सिख पहचान और धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा: मोर्चा सिखों के धार्मिक अधिकारों, पंथक मर्यादा और पहचान की रक्षा की मांग करता है।
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