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गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र में मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी का शौक मासूम की मौत का कारण बन गया। पेड़ पर कार्टून वाली पतंग देखकर 10 साल के बच्चे का मन उसे पाने के लिए ललच गया। पेड़ पर चढ़कर जैसे ही उसने कार्टून वाली पतंग निकालने के लिए पकड़ी। पेड़ से सटे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। हाथ में पतंग लिए ही वह झुलस गया। पेड़ पर एक घंटे तक उसकी लाश लटकी रही। घटना के बाद वहां आस-पास के लोग एकत्रित हुए लेकिन कोई भी उसे उतारने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बिजली विभाग से लाइट कटवाकर पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने किसी तरह पेड़ से लाश नीचे उतारी। इस दौरान वहां परिवार के लोगों की चीख पुकार मच गई थी। किसी तरह परिवार को समझाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र के सरया महुलिया निवासी रामश्रय गौड़ दो बच्चे एक बेटा और बेटी है। रामश्रय मछली पालन का काम करते हैं। घर से करीब 4 किमी दूर बड़हलगंज थाना क्षेत्र में ही तीहा मुहम्मदपुर में रामश्रय का ससुराल है। जहां पर सास ससुर रहते हैं। ससुर ने 10 साल के नाती अनिल गौड़ उर्फ कान्हा को गोद लिया था। दामाद रामश्रय से बातचीत करके नाती की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई थी। कान्हा अपने ननिहाल में ही स्थित प्राथमिक स्कूल में क्लास 3 में पढ़ता था। डेली उसे नाना स्कूल पहुंचाने और लाने जाते थे। इधर लगातार स्कूलों में ठंड की छुटि्टयां चल रही थी। मकर संक्रांति के दिन 15 जनवरी को वह दोस्तों के साथ गांव के ही खाली मैदान में पतंग उड़ा रहा था। दोपहर करीब 1:30 बजे एक कार्टून वाली पतंग कटकर एक आम के पेड़ में जाकर फंस गई। जिसे पाने के लिए कान्हा परेशान हो गया। गांव के दोस्तों ने बताया कि सभी लोगों ने उसे रोका था कि ऊंचे पेड़ से पतंग उतारना आसान नहीं है। पतंग पर कार्टून बना था। इसलिए कान्हा उस पतंग को पाने के लिए परेशान हो गया। पतंग उतारने के लिए वह घने आम के पेड़ पर चढ़ गया। जैसे ही उसने पतंग को हाथ में पकड़ा, उसका चेहरा पेड़ से होते हुए हाई टेंशन तार से सट गया। जिसके बाद वह वहीं पर झुलसने लगा। थोड़ी देर में उसकी मौत हाे गई। मौत के बाद उसकी लाश पेड़ पर ही लटकी हुई थी। मरने के बाद भी उसके दाएं हाथ में कार्टून वाली पतंग थी। करीब एक घंटे तक उसकी लाश पेड़ पर ही लटकी रही। इसके बाद पुलिस ने लाश नीचे उतरवाई। इस दौरान कान्हा के पिता रामश्रय और मां संध्या देवी भी वहां पहुंच गईं। दोनों चीखने चिल्लाने लगे। बच्चे की लाश पुलिस को सौंपने को भी तैयार नहीं थे। किसी तरह पुलिस ने उन्हें समझाया तब जाकर लाश कब्जे में ली, उसे पोस्टमार्टम के लिए गाड़ी से भिजवाया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां जुट गए। नाराज ग्रामीण बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने लगे। उनका कहना था कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से ही बच्चे की जान गई है। मुक्तिधाम में किया गया दाह संस्कार शुक्रवार को शाम करीब 4 बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद एंबुलेंस से कान्हा का शव उसके घर सरया महुलिया लाया गया। जहां पर सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ गए थे। वहीं मां संध्या देवी अपने बेटे की लाश पकड़कर रोने लगीं। वहां से किसी तरह महिलाओं ने उन्हें हटाया। तब जाकर शव को बड़हलगंज मुक्तिधाम ले जाया गया। जहां पुलिस की मौजूदगी में पिता ने दाह संस्कार किया। इस दौरान पुलिस के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने भी दुखी परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
गोरखपुर में पतंगबाजी के शौक में गई जान:कार्टून वाली पतंग लिए तार से चपका रहा मासूम, 1 घंटे पेड़ पर लटकी रही लाश
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