‘गर्लफ्रेंड की हत्या कर लाश जलाकर बहुत खुश हूं’:झांसी में आरोपी ने मुंडन कराया, हडि्डयां गंगाजी में बहाकर पाप धोना चाहता था

Actionpunjab
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‘मैं गर्लफ्रेंड प्रीति की हत्या कर लाश जलाकर बहुत खुश हूं। मुझे कोई पछतावा भी नहीं है। मैंने जो किया, वो ठीक किया। क्योंकि, हम दोनों 10 साल से रिलेशन में थे और शादी भी कर चुके थे। वो लाखों रुपए ले चुकी थी और पूरी पेंशन भी लेती थी। मगर पीठ पीछे मुझे धोखा देकर प्रीति ब्यूटी पार्लर के मालिक से इश्क लड़ा रही थी। मना करने पर रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। अब वो 3 लाख रुपए मांग रही थी, मैं दो लाख देने को तैयार था और पैसों की व्यवस्था भी कर ली थी। मगर वो 3 लाख पर अड़ गई। तब मैंने हत्या कर उसकी लाश जला दी। फिर मुंडन कराया। अस्थियां बोरी में भरकर प्रयागराज ले जाना था। वहां गंगाजी में अस्थियां प्रवाहित करके पाप धोना चाहता था। फिर सुसाइड कर लेता।’ झांसी में ये चौंकाने वाला कबूलनामा रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार (64) का है। जिसने 32 साल छोटी अपनी गर्लफ्रेंड प्रीति (32) की 8 जनवरी को हत्या की। फिर लाश को जला दिया। अधजले अवशेष और राख नीले रंग के बक्से में भरी और ठिकाने लगाने निकला। 17 जनवरी को देर रात लोडिंग गाड़ी बुक किया। बक्से से बदबू और पानी गिरने पर ड्राइवर को शक हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रामसिंह, उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार और उसके बेटे नितिन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए आरोपी राम सिंह की दो पत्नियां पहले से हैं आरोपी राम सिंह परिहार नंदनपुरा का रहने वाला है। 2022 वह रेलवे में MCM वरिष्ठ टेक्निशियन के पद से रिटायर हुए थे। उसने पुलिस को बताया- 40 साल पहले उसकी शादी गीता परिहार से हुई थी। एक बेटा शैलेंद्र और दो बेटियां है। तीनों की शादी हो चुकी है। शादी के 15 साल बाद गीता रायकवार से मुलाकात हुई थी। हम दोनों की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। बाद में हम लोगों ने शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी को छोड़ा गीता की पहली शादी उरई के नरछा निवासी उदल रायकवार से हुई थी। अनबन होने के बाद गीता ने उदल को छोड़ दिया। उसकी पहली शादी से एक बेटा मनीष है। राम सिंह ने बताया कि गीता से शादी के बाद पहली पत्नी से अलग हो गया। हम दोनों फूटा चौपड़ा मोहल्ले में रहने लगे। दोनों को 20 साल पहले एक बेटा नितिन हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था। 10 साल पहले प्रीति से अफेयर शुरू हुआ राम सिंह ने बताया कि मैं एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर खाना बनाता था। वहां पर प्रीति बर्तन धाेने आती थी। 10 साल पहले प्रीति से दोस्ती हुई और हम दोनों में प्यार हो गया। प्रीति भी शादीशुदा है। उसकी दो बेटी और एक बेटा है। प्रीति मेरे से 32 साल छोटी थी। हम दोनों ने एक मंदिर में शादी कर ली थी। रिटायरमेंट के बाद उसी के साथ रह रहा था। मैं प्रीति को बहुत प्यार करता था, लेकिन वो पैसों की लालची थी। वो मेरे से लाखों रुपए ले चुकी थी और अब 43 हजार रुपए पेंशन आती थी। पूरी पेंशन प्रीति ही ले लेती थी। ब्यूटी पार्लर मालिक से अफेयर था एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- प्रीति का एक ब्यूटी पार्लर के मालिक फौजी से अफेयर था। इसके बारे में राम सिंह का पता चल गया था। वह प्रीति को लेकर उज्जैन चला गया था। प्रीति अपने साथ बच्चों को भी ले गई थी। सभी किराए के मकान में रहने लगे, मगर विवाद होने पर प्रीति अकेली ही झांसी आ गई थी। बाद में राम सिंह भी आ गया था। यहां आने के बाद प्रीति अपने नए प्रेमी पार्लर मालिक से मिलने लगी थी। रामसिंह को बहुत बुरा लगा। प्रीति 3 लाख रुपए मांगने लगी तो मर्डर प्लान किया। दो दिनों तक लाश के साथ सोया दो क्विंटल लकड़ियां खरीदी, बेटे से बक्सा मंगवाया प्रीति के शव को ठिकाने लगाने के लिए राम सिंह ने बड़ा प्लान किया। उसे दूसरी पत्नी गीता रायकवार और बेटे नितिन से लोहे का बड़ा बक्सा और दो क्विंटल लकड़ियां मंगवाई। 16 जनवरी की रात को घर के अंदर ही बक्सा में लकड़ियां और लाश को रखकर आग लगा दी। हंसते हुए बोला, मारने के बाद बहुत खुश हूं… हत्याकांड के बाद रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं है। उसने मीडियाकर्मियों के सवालों के खुलकर जबाव दिए। हंसते हुए बताया कि हत्या करके उसे कोई अफसोस नहीं बल्कि वह अब खुश है। एसएसपी ने गिरफ्तारी टीम में शामिल निरीक्षक विनोद मिश्रा, उपनिरीक्षक महेश चंद्र, चंदन सरोज, राजकुमार, अनुराग शर्मा की टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार समेत घटना की सूचना देने वाले लोडर चालक को भी पुरस्कृत करने की बात कही। नीले रंग का पेंट मंगाकर बक्से को रंगा एसएसपी ने बताया कि बक्से के अंदर शव को रखकर जलाने से वह पूरी तरह काला पड़ गया था। बाहर निकालने पर किसी को शक न हो, इसके लिए शातिर राम सिंह बाजार से नीले रंग का पेंट खरीदकर लाया था। आग लगने की वजह से बक्सा गर्म हो गया था। पानी डालकर उसे पहले ठंडा किया। इसके बाद उसने नीले रंग से पूरे बक्से को पेंट किया था। इसके बाद राम सिंह ताला लगाकर निकल गया। सुबह 4 बजे वापस पहुंचा तो लाश पूरी जल चुकी थी। फिर पानी डालकर आगे बुझा दी। 17 जनवरी को बक्सा दूसरी पत्नी के घर पहुंचाना था। वहां से राख और अस्थियां लेकर प्रयागराज जाना था। राम सिंह लोडर बुक करके लाया। साथ में बेटा और अन्य लोग भी थे। लोडर में बक्सा लोड करके सभी निकल पड़े। 400 रुपए में बुक किया था लोडर

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