फाइलें गायब-सवाल गुम, फायदा किसे?:निगम से पांच फाइलें गायब, वर्षों के आय-व्यय, अनुबंध और टेंडर के ब्योरे थे

Actionpunjab
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नगर निगम की फाइलों में फर्जीवाड़ा होना आम बात है, लेकिन अब यहां से राजस्व आय की फाइलें गायब होने के मामले ने सभी को चौंका दिया है। पिछले 4 माह में निगम की राजस्व शाखा से 5 फाइलें गायब हुईं। इसमें पासपोर्ट ऑफिस, सुखाड़िया रंगमंच, सरस बूथ, यात्री कर और दीपावली मेले के झूलों की लेखा-जोखों की फाइलें शामिल हैं। इनमें सालों के आय-व्यय, अनुबंध, टेंडर, गजट नोटिफिकेशन और पत्राचार के ब्योरे थे। इनमें से दो-तीन फाइलें वे भी शामिल हैं, जिनमें निगम आयुक्त ने लापरवाही के नोट लिखे थे। ऐसे में फाइलों के गायब होने के पीछे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि साजिश की आशंका दिखाई दे रही है। आयुक्त बोले- जिम्मेदार पर कार्रवाई करेंगे
भास्कर ने जब इस मामले में आयुक्त अभिषेक खन्ना से बात की तो उन्होंने कहा कि फाइलें गायब होने की जानकारी नहीं है। सभी महत्वपूर्ण फाइलें हैं। अगर ऐसी गंभीर लापरवाही हुई है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी में जांच तो किसी का मामला हाईकोर्ट में पासपोर्ट ऑफिस : 86 लाख की वसूली बाकी
निगम ने साल 2015 में पासपोर्ट कार्यालय के लिए भवन किराए पर दिया था। इसका जुलाई 2022 से अब तक का 86 लाख रु. किराया बाकी है। फाइल में 11 साल के दस्तावेज हैं। इसमें विदेश मंत्रालय से हुई लीज डीड, किराये का ब्यौरा, पासपोर्ट ऑफिस को चलाने वाली टीसीएस से किए पत्राचार जैसे दस्तावेज है। राजस्व अधिकारी ने इस फाइल को 4 माह तक रोके रखा था। आयुक्त ने उन्हें लताड़ लगाते हुए फाइल पर लापरवाही के नोट भी लिखे थे। यात्री कर : मामला हाईकोर्ट में, पैरवी मुश्किल
ये फाइल 3 माह से लापता है। यात्री कर के लिए निगम ने हाल ही में उपविधि बनाकर गजट नोटिफिकेशन कराया था। इसमें होटलों से टैक्स वसूलना था। इसके खिलाफ होटल एसोसिएशन कोर्ट में गया, जहां से उन्हें स्टे भी मिल गया। फाइल में पत्राचार, आम सूचनाएं, आपत्ति आमंत्रण और इसके निस्तारण, डीएलबी से पत्राचार और हाईकोर्ट के केस संबंधी दस्तावेज हैं। सरस बूथ : 6 सालें के आवंटन रिकॉर्ड
ये फाइल 4 माह से नदारद है। इनमें साल 2019 से अब तक आवंटित सरस बूथों का विवरण है। इसमें 6 सालों में आवेदकों से ली गई राशियां, इनके आवंटन में हुए कोर्ट केसों की डिटेल, विचाराधीन मामलों के दस्तावेज हैं। दीपावली मेला : टेंडर-राशि का ब्यौरा था
दीपावली मेला खत्म होने के बाद से ही यह फाइल ओझल हो गई। हालांकि, टेंडर आवेदन तक का रिकॉर्ड निगम में ऑनलाइन है। इसके बाद की प्रक्रिया की रिपोर्ट, मूल पत्रावलियां, जमा राशियों और टेंडर पास-फेल का ब्यौरा अब निगम के पास नहीं है। सुखाड़िया रंगमंच : बुकिंग-किराया रिकाॅर्ड
ये फाइल ढाई माह से अदृश्य है। इसमें रंगमंच के लिए की गई बुकिंग और किराया राशि के लेन-देन के रिकॉर्ड हैं। हैरानीजनक…राजस्व विभाग में ही चर्चा, निगम में किसी को पता ही नहीं? चौंकाने वाली बात यह है कि फाइलों के गायब होने की चर्चा राजस्व विभाग में ही चल रही है। लेकिन, इनके अलावा पूरे नगर निगम में किसी को इसकी भनक तक नहीं है। भास्कर ने पड़ताल की तो इन फाइलों के गायब होना सामने आया। विभाग के अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साधी हुई है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला तब खुला, जब एक फाइल की जरूरत पड़ी तो नहीं मिली। यह भी बताया जा रहा है कि फाइलें राजस्व अधिकारी के चैंबर से गायब हुई हैं। वे ऑफिस पहुंचे तो फाइलें नहीं मिली। अब देखने वाली बात यह रहेगी कि खुलासा होने के बाद महीनों से गायब फाइलें चमत्कारिक रूप से प्रकट हो जाती हैं या नहीं?

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