TMC MP Mahua Moitra Cash For Query Case Cbi Delhi High court

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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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महुआ मोइत्रा (2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। फाइल - Dainik Bhaskar

महुआ मोइत्रा (2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। फाइल

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि लोकपाल को कानून के मुताबिक इस मामले पर फैसला लेना होगा।

जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा- लोकपाल को 2 महीने का अतिरिक्त समय दिया जाता है, वे फैसला करें CBI इस मामले में कानूनन चार्जशीट दाखिल करे या नहीं करे।

बेंच ने कहा कि केस खत्म करने का समय 2 महीने बढ़ाया जाता है। समय बढ़ाने पर कोई और रिक्वेस्ट नहीं स्वीकारेंगे। इस पर महुआ और CBI दोनों के वकीलों ने कहा- लोकपाल को दिए समय का विरोध नहीं कर रहे हैं।

महुआ मोइत्रा (2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। फाइल

महुआ मोइत्रा (2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। फाइल

19 दिसंबर: महुआ के खिलाफ CBI चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी

19 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने लोकपाल के 12 नवंबर 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें CBI को मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट फाइल करने की मंजूरी दी गई थी। जस्टिस अनिल क्षतरपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा था कि हमारा मानना है कि लोकपाल ने इस मामले में गलती की है। पूरी खबर पढ़ें

पूरा मामला जानिए…

दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ था। जब BJP सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर महंगे गिफ्ट्स और पैसे लेने के बदले में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडाणी ग्रुप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था।

महुआ पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगा था। इसके बाद यह मामला लोकसभा की एथिक्स कमेटी में भेज दिया गया था, जहां पर महुआ दोषी पाई गई थीं। इसके बाद महुआ को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।

लोकसभा की एथिक्स कमेटी में महुआ के दोषी पाए जाने के बाद। मामला लोकपाल के पास पहुंचा। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत सांसद (MP) लोकपाल के दायरे में आते हैं। यदि आरोप रिश्वत, लाभ,या अनुचित प्रभाव से जुड़े हों तो लोकपाल जांच कर सकता है।

महुआ मोइत्रा के संसद में 62 सवाल, 9 अडाणी से जुड़े

2019 में सांसद बनने के बाद से महुआ मोइत्रा ने पार्लियामेंट में 28 केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े 62 सवाल पूछे हैं। इनमें पेट्रोलियम से लेकर कृषि, शिपिंग, नागरिक उड्डयन, रेलवे आदि शामिल हैं।

sansad.in की वेबसाइट के मुताबिक, 62 सवालों में से सबसे ज्यादा 9 सवाल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लिए थे, उसके बाद वित्त के लिए आठ सवाल थे।

कुल 62 में से 9 सवाल अडाणी समूह से संबंधित थे। इनमें से छह सवाल पेट्रोलियम मंत्रालय के लिए और एक-एक सवाल वित्त, नागरिक उड्डयन और कोयला मंत्रालयों के लिए था।

कैश फॉर क्वेरी केस- CBI जांच जारी

लोकपाल के आदेश के बाद मार्च 2024 में महुआ मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद जांच की।

शुरूआती जांच के तहत CBI किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती या तलाशी नहीं ले सकती है, लेकिन वह जानकारी मांग सकती है। साथ ही TMC सांसद से पूछताछ भी कर सकती है।

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