पणजी/दिल्ली1 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के चौथे एडीशन का उद्घाटन किया। पीएम ने अपने वर्चुअल मैसेज के जरिए कहा कि एनर्जी सेक्टर के लिए भारत मौकों की जमीन है, क्योंकि इसमें मांग तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा- भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा, भारत दुनिया की मांग को पूरा करने के लिए बेहतरीन मौके देता है।
अपने मैसेज में पीएम ने इंडिया-EU फ्री ट्रेड डील की भी चर्चा की। उन्होंने कहा- भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है। यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देगा, सेवाओं को सपोर्ट करेगा। इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। यह समझौता ग्लोबल GDP का लगभग 25% और ग्लोबल ट्रेड का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
यह समझौता (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए जबरदस्त मौके लाता है। यह लोकतंत्र और रूल ऑफ लॉ के लिए हमारे कमिटमेंट को भी मजबूत करता है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 ग्लोबल एनर्जी एग्जीबिशन कॉन्फ्रेंस है। यह 30 जनवरी तक चलेगा। इसमें 75 हजार से ज्यादा एनर्जी प्रोफेशनल, 700 से ज्यादा एग्जीबिटर, 550 से ज्यादा एक्सपर्ट स्पीकर शामिल होंगे।
3 दिन में 120 से ज्यादा सेशन, 12 से ज्यादा इंटरनेशनल कंट्री पवेलियन और 11 थीमेटिक जोन होंगे। जिनमें तेल और गैस, रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिफिकेशन, डिजिटलाइजेशन, AI और नेट-जीरो पाथवे शामिल हैं।

पीएम की स्पीच की बड़ी बातें…
- भारत-यूरोपियन यूनियन डील, भारत और यूरोपीय संघ दोनों की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाता है। यह समझौत न केवल भारत में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र के और विस्तार का रास्ता भी खोलेगा।
- भारत तेल और गैस सेक्टर में निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हम इस दशक के आखिर तक अपने तेल और गैस सेक्टर में निवेश को सौ अरब डॉलर तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
- हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट के टॉप 5 एक्सपोर्टर देशों में शामिल हैं। दुनिया 150 से ज्यादा देशों में हमारे प्रोडक्ट जा रहे हैं।
एनर्जी वीक थीम जोन की तस्वीरें…

