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भिवानी में नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में माननीय न्यायालय द्वारा मुख्ये आरोपी को 20 वर्ष कारावास व 30000 रुपए जुर्माना व उसके साथी को 7 वर्ष कैद व 10000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अटरेजा सिंह की न्यायालय द्वारा बहला फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपीयों को कठोर दंड से दंडित किया गया है। पीड़िता के पिता के द्वारा थाना सदर पुलिस भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों के द्वारा उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा प्रभावी जांच, साक्ष्य एवं दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। यह हुई सजा मुख्य आरोपी हिसार के गांव कर्बला निवासी अमित कुमार को POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कारावास व 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया। धारा 363 आईपीसी के तहत 7 वर्ष कारावास व 5000 जुर्माना। धारा 366 आईपीसी के तहत 10 वर्ष कारावास व 5000 जुर्माना लगाया। आरोपी हिसार के गांव खरबला निवासी साहिल को धारा 363 भारतीय दंड संहिता के तहत 7 वर्ष कैद व 5000 रुपए का जुर्माना, धारा 366 भारतीय दंड संहिता के तहत 7 वर्ष कैद 5000 का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा ना करने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिलाओं एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भिवानी में नाबालिग के हिसार निवासी दुष्कर्मी को सजा:20 वर्ष कारावास व 30000 रुपए जुर्माना लगाया, साथी को 7 साल कैद व 10000 जुर्माना
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