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राष्ट्रीय श्रम संगठनों के प्रदेश स्तरीय आह्वाहन पर अजमेर में गुरुवार को संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति के बैनर तले कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर है। कर्मचारियों ने चार लेबर कोड वापस लिए जाने की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन से विरोध रैली निकाली गई। कर्मचारी विरोध करते हुए हाथों में तख्तियां लेकर जिला कलेक्टर पहुंचे और जिला कलेक्टर लोकबंधु को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए नए श्रम कानून में बदलाव करने की मांग की गई। प्रदर्शन में रेलवे, बैंक, बीमा, पोस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल सचिव मोहन चेलानी ने बताया कि देश के श्रमिकों के हितों से संबंधित 29 श्रम कानून को समाप्त करके चार नए श्रम कानून को लागू करने से श्रमिकों में असंतोष है। पुराने श्रम कानून में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकार संरक्षित थे एवं श्रम कानून की पालना के लिए उद्योगपति बाध्य थे। चेलानी ने बताया कि लेकिन नए श्रम कानून में श्रमिक हितों से संबंधित मुद्दों पर श्रमिकों के हित शिथिल कर दिए गए हैं और उद्योगपतियों के हितों का अधिक ध्यान रखा गया है। श्रमिक संगठनों ने एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया और आज देश में श्रमिक संघर्षरत है। चेलानी ने बताया कि संगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिक यूनियनों के अधिकारों को ही संकुचित कर दिया गया है, ऐसी स्थिति में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। चेलानी ने कहा कि नए श्रम कानून 4 लेबर कोड में पुराने 29 श्रम कानून में श्रमिकों को प्राप्त सभी अधिकारों को सम्मिलित करने की कार्रवाई की जाए। जिससे भारत देश की प्रगति के साथ-साथ देश के श्रमिक वर्ग का भी आर्थिक व सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके।
अजमेर में कर्मचारियों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन:एक दिन की हड़ताल कर नए श्रम कानून में बदलाव का किया विरोध
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