Faridabad Jail Superintendent, DSP Security Suspended

Actionpunjab
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फरीदाबाद की नीमका जेल में चार दिन पहले संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या जम्मू के अरुण चौधरी ने कर दी थी। इस मामले में सरकार ने जेल सुपरिंटेंडेंट और डीएसपी सुरक्षा को सस्पेंड कर दिया है।

हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने वाले संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। डीजीपी जेल आलोक मित्तल ने इस मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट हरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही डीएसप

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बता दें कि चार दिन पहले सिक्योरिटी बैरक में यूपी के मिल्कीपुर के रहने वाले अब्दुल रहमान की नुकीले के पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या इसी बैरक में बंद जम्मू के रहने वाले अरुण चौधरी उर्फ अबू जट ने राम मंदिर को लेकर हुई बहस के बाद की थी।

20 साल के अब्दुल को गुजरात ATS ने मार्च 2025 में पकड़ा था। उसका संपर्क लकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान से था। उसने अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। वहीं, अरुण चौधरी जम्मू जिले के चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में शामिल था। 2 साल पहले ही उसे कठुआ जेल से इस नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।

अब्दुल की हत्या को सरकार ने सुरक्षा में लापरवाही माना था और दो दिन बाद वार्डर-हेड वार्डर हटा दिया था। अब जेल सुपरिंटेंडेंट और डीएसपी सुरक्षा पर कार्रवाई की है। हरेंद्र की जगह नारनौल जेल सुपरिंटेंडेंट संजय बांगर को नीमका जेल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

बताया जा रहा है कि अब्दुल रहमान की हत्या मामले की जांच जारी है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा हो रही है। अभी कुछ और अफसरों और कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।

अब्दुल रहमान और हत्यारोपी अरुण चौधरी एक ही सिक्योरिटी बैरक में बंद थे।

अब्दुल रहमान और हत्यारोपी अरुण चौधरी एक ही सिक्योरिटी बैरक में बंद थे।

चार दिन पहले ऐसे हुई थी अब्दुल रहमान की हत्या…

सिक्योरिटी बैरक में थी तीन कैदी, एक यूपी, दो जम्मू कश्मीर से : तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी बैरक में केवल तीन ही बंदी थे, एक यूपी का अब्दुल रहमान, दो जम्मू कश्मीर के अरूण चौधरी और शोएब रियाज। अरूण चौधरी और शोएब रियाज को एक साथ ही जम्मू कश्मीर से सुरक्षा कारणों के चलते नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।

पहले तीनों कैदी अलग-अलग बैरक में थे। मगर, 15 दिन पहले ही तीनों को एक साथ इस सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था।

राम मंदिर बनने से नाराज था, अरुण से होता था झगड़ा : जेल सूत्रों के मुताबिक अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और अब्दुल रहमान के बीच में राम मंदिर को लेकर 10 दिन से विवाद चल रहा था। राम मंदिर बन जाने से वह अक्सर नाराज रहता था। वह अपने धर्म को ही सबसे ऊपर बताता था।

दूसरी तरफ अरुण चौधरी को पता चल गया था कि अब्दुल रहमान ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आकर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था।

सोते समय मुंह दबाया, सिर पर नुकीले पत्थर से कई वार किए : जेल सूत्रों के मुताबिक सोमवार की सुबह 2 से 3 के बीच का समय था। उस समय अब्दुल रहमान और शोएब रियाज सो रहे थे, लेकिन अरुण चौधरी जगा हुआ था। उसने चुपके से अब्दुल रहमान का मुंह दबाया और उसरे सिर के पीछे के हिस्से पर नुकीले पत्थर से कई वार किए।

इसी दौरान आवाज सुनकर शोएब रियाज जाग गया और उसने शोर मचाकर बैरक के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मीयों को बुला लिया। 10 मिनट बाद ही जेल अधिकारी भी पहुंच गए। घायल अब्दुल रहमान को जेल अस्पताल में लेकर जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।

2 मार्च को अब्दुल रहमान को फरीदाबाद के पाली इलाके से गिरफ्तार किया था।

2 मार्च को अब्दुल रहमान को फरीदाबाद के पाली इलाके से गिरफ्तार किया था।

कौन है अब्दुल रहमान, जिसकी हत्या की गई…

यूपी का रहने वाला, रिक्शा चलाता था, महंगे मोबाइल का शौकीन अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। अयोध्या-रायबरेली हाईवे से लिंक रोड पर 5Km अंदर चलकर चमनगंज रोड उसका 650 स्क्वायर फीट का घर है। घर के बाहर चिकन शॉप की दुकान है, जिसे पिता अबू बकर चलाते हैं। गरीबी के चलते सरकार की तरफ से उन्हें अंत्योदय कार्ड मिला है।

मां आश्मीन और उनकी तीन बेटियां हैं, जो अब्दुल रहमान से छोटी हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि चार साल से वह कुचेरा बाजार से किन्हूपुर के बीच ई-रिक्शा चलाता था। उसके पास महंगे मोबाइल थे। वह केवल दसवीं तक पढ़ा था।

सोशल मीडिया पर राम मंदिर के वीडियो डालने पर नजर में आया सुरक्षा एजेंसी डार्क वेब पर भेजे जाने वाले कंटेंट को मॉनिटर करती है। भारत से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में छिपे आतंकियों को डार्क वेब के जरिए ही सूचनाएं भेजी जाती हैं, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो। जनवरी, 2024 में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।

इसके बाद से ही राम मंदिर के कई वीडियो एक खास लोकेशन पर शेयर किए गए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने भेजने वाले का IP एड्रेस को सर्च किया, तो जिस लोकेशन पर यह कंटेंट भेजा गया था, वह तो पता नहीं चली। मगर भेजने वाले की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद की मिली।

2 मार्च 2025 को पकड़ा था, दो जिंदा ग्रेनेड, राम मंदिर के वीडियो मिले फरीदाबाद में लोकेशन मिलने पर हरियाणा एसटीएफ की मदद से गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसी IB यहां पहुंची। पाली गांव में दबिश दी तो 19 साल के अब्दुल रहमान निवासी मिल्कीपुर, यूपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया।

उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से वह सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। सबसे पहले उसने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा तो वह इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया।

फरीदाबाद के पाली इलाके के खंडहर में हैंडग्रेनेड छुपाकर रखे गए थे।

फरीदाबाद के पाली इलाके के खंडहर में हैंडग्रेनेड छुपाकर रखे गए थे।

आतंकी अबू सूफियान ने ब्रेनवॉश किया, मंदिर पर हमले से पहले पकड़ा जांच एजेंसियों ने जब उससे पूछताछ की तो मालूम किया कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। सूफियान ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलवाई। सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे। इन्हें ही लेने अब्दुल रहमान फरीदाबाद आया था।

यहां से उसे हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर लेकर 4 अप्रैल को अयोध्या जाना और हमले की वारदात को अंजाम देना था। मगर, इससे पहले ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद फरीदाबाद में ही रिपोर्ट दर्ज हुई और 10 दिन के रिमांड के बाद उसे नीमका जेल में भेज दिया गया। तब से वह यहीं बंद था। वीडियो क्रांफेसिंग से उसकी पेशी होती थी।

यह फोटो उस वक्त की है, जब जम्मू में हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अरुण चौधरी लाल घेरे में।

यह फोटो उस वक्त की है, जब जम्मू में हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अरुण चौधरी लाल घेरे में।

अब्दुल रहमान की हत्या करने वाले अरुण से जुड़ी 3 अहम बातें…

सांबा में अक्षय शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आया अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। उसका नाम जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के गुड़वाल रामगढ़ में 25 दिसंबर को हुई अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। यह हत्या गैंगवार के चलते अंजाम दी गई थी।

इसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अतुल चौधरी (ट्रिंडियन रामगढ़), अरुण चौधरी उर्फ अबू जट (आरएस पुरा, जम्मू), साहिल शर्मा उर्फ गिल्का (विजयपुर), राजेश कुमार उर्फ छोटू उर्फ माही धिल्लों (विजयपुर) शामिल थे।

इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम आकर किया था मर्डर पुलिस के मुताबिक, यह हत्या निर्ममता से की गई थी। अक्षय शर्मा की हत्या के बाद आरोपी उसका हाथ काटकर ले गए थे, जो बाद में श्मशान पड़ा मिला था। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम किया था, जिससे मामला बहुत सुर्खियों में आ गया था।

इसके बाद एक माह बाद ही सांबा पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें से दो को पंजाब के दो आरोपियों अतुल और अरुण को अमृतसर के एक होटल से पकड़ा गया था। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें एक कांस्टेबल भी घायल हो गया था।

रिश्वत के आरोप लगा तो फरीदाबाद शिफ्ट किया गया गिरफ्तारी के बाद चारों को कठुआ जेल में भेज दिया गया था। साल 2024 में जेल से ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो लाख लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।

यहीं अब उसने राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।

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हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर को लेकर हुई बहस के चलते अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने सिर में नुकीला पत्थर मारकर उसकी हत्या की थी। (पूरी खबर पढ़ें)

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