करनाल कोर्ट में रास्ते को लेकर विवाद:वकीलों ने वर्क सस्पेंड कर दी हड़ताल,नए ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स में कनेक्टिविटी न मिलने से नाराज हुए अधिवक्ता

Actionpunjab
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करनाल कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए आने-जाने का रास्ता बंद होने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जजों के लिए बनाए गए नए ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स के कारण पुरानी और नई बिल्डिंग के बीच कनेक्टिविटी खत्म हो गई है। इसी मुद्दे पर नाराज वकीलों ने वर्क सस्पेंड कर हड़ताल कर दी। वकीलों का कहना है कि निर्माण से पहले उनकी एसोसिएशन से कोई सलाह नहीं ली गई, जिसकी वजह से अब रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतें आ रही हैं। नए जजों को मिले कोर्ट रूम, वकीलों के लिए रास्ता नहीं छोड़ा
एडवोकेट भूपेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, पराग, सुरजीत सिंह सहित अन्य वकीलों ने बताया कि करनाल बार में नया ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स बनाया गया है। नए जजों को कोर्ट रूम दे दिए गए हैं, लेकिन कोर्ट रूम बनाने से पहले एसोसिएशन को न तो कोई ड्राइंग दिखाई गई और न ही आने-जाने के लिए उचित रास्ता छोड़ा गया। पांच कोर्ट बैठाई गई हैं और पांचों कोर्टों का अलग-अलग रास्ता है। इससे पुरानी बिल्डिंग में आने-जाने के लिए कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं बची। सिक्योरिटी के नाम पर रास्ते बंद, वकीलों को चक्कर काटने की मजबूरी
वकीलों का कहना है कि सिक्योरिटी का हवाला देकर पूरे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पहले जो एक छोटा सा रास्ता था, वह भी बंद कर दिया गया। इससे अब वकीलों को पहले पुरानी बिल्डिंग और फिर नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। यदि दोबारा पुरानी बिल्डिंग जाना हो तो नई बिल्डिंग से घुमकर आना पड़ता है। ऐसे में वकील पूरे दिन कोर्ट परिसर में चक्कर काटने को मजबूर हैं। चार हजार वकील, रोजाना आते हैं ढाई हजार
वकीलों ने बताया कि करनाल कोर्ट में करीब 4 हजार वकील पंजीकृत हैं, जिनमें से रोजाना 2 से ढाई हजार वकील कोर्ट आते हैं। रास्ता न होने से न केवल समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि सुरक्षा का भी सवाल खड़ा हो रहा है। वकीलों का कहना है कि जजों की सिक्योरिटी तो सुनिश्चित कर दी गई, लेकिन वकील भी न्यायालय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, उनकी सुरक्षा और सुविधा का क्या होगा। समाधान न हुआ तो आगे भी वर्क सस्पेंड वकीलों ने बताया कि इस मुद्दे पर वे पहले सेशन साहब से मिले थे, जिन्होंने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन हालात और बिगड़ गए। इसी कारण मजबूरी में वर्क सस्पेंड कर हड़ताल की गई है। वकीलों ने साफ कहा है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आगे भी वर्क सस्पेंड किया जा सकता है।

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